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जोधपुर, आठ अक्टूबर (भाषा) भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने बृहस्पतिवार को 94वें वायुसेना दिवस पर जोधपुर में सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने शानदार हवाई करतब दिखाते हुए आसमान में सटीकता, गति और बेहतरीन तालमेल का प्रदर्शन किया।
यह कार्यक्रम वायुसेना अड्डे पर चल रहे बहुपक्षीय हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति’ के साथ आयोजित किया गया। अमेरिका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), श्रीलंका, बांग्लादेश और जर्मनी की भाग लेने वाली वायुसेनाओं के कर्मियों ने यह प्रदर्शन देखा।
इस कार्यक्रम में रक्षाकर्मियों, सिविल अधिकारियों, छात्रों और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों समेत बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सूर्य किरण एरोबेटिक टीम का दो चरणों में 25 मिनट का प्रदर्शन रहा।
पहले चरण में टीम ने नौ हॉक एमके-132 विमानों को बेहद करीब से उड़ाते हुए आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग के धुंए से तिरंगा ‘फॉर्मेशन’ बनाया। इस दौरान ‘डायमंड’, ‘तेजस’, ‘डीएनए’ और ‘हार्ट शेप’ (दिल के आकृति) समेत कई रोचक फॉर्मेशन बनाए गए।
दूसरे चरण में विमानों के छोटे-छोटे समूहों में बंटकर कम ऊंचाई पर साहसिक करतब दिखाने से रोमांच और बढ़ गया।
विमानों के रोमांचक तरीके से उड़ान भरने, उलटे क्रॉसओवर और बैरल रोल जैसे करतबों ने पूरे प्रदर्शन के दौरान दर्शकों को आसमान की ओर देखते रहने पर मजबूर कर दिया।
वहीं, सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने पांच स्वदेशी उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) ‘ध्रुव’ के साथ एक-दूसरे से तालमेल करते हुए ‘क्रॉसओवर’ फॉर्मेशन में उड़ान भरी। एक शानदार दृश्य में हेलीकॉप्टरों ने ऐतिहासिक मेहरानगढ़ किले के ऊपर से उड़ान भरी, जिससे शहर के ऐतिहासिक परिदृश्य और आधुनिक विमानन तकनीक का अनोखा मेल देखने को मिला।
हवाई प्रदर्शन में भारत के प्रमुख लड़ाकू विमानों सुखोई-30 एमकेआई और स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) ‘तेजस’ के साथ हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच) ‘प्रचंड’ ने भी कम ऊंचाई पर सामरिक उड़ान का प्रदर्शन किया।
स्थानीय छात्रों और एनसीसी कैडेट के लिए तेजस, सुखोई, राफेल और विदेशी लड़ाकू विमानों को प्रदर्शन के लिए भी रखा गया था।
कार्यक्रम से इतर बातचीत में सारंग टीम के कमान अधिकारी एवं टीम लीडर ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार ने वैश्विक राजदूत के रूप में इकाई की भूमिका पर प्रकाश डाला।
कुमार ने कहा, ‘‘भारत और दुनियाभर में प्रदर्शनों के जरिए हम पेशेवर दक्षता और विमानन क्षेत्र में भारत की प्रगति को प्रदर्शित करते हैं।’’
भाषा
देवेंद्र पवनेश
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