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प्रदर्शनों के बीच ज्ञानेश कुमार के आवास और निर्वाचन कार्यालय की सुरक्षा बढ़ाई गई

नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर (भाषा) विपक्षी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शनों के बीच दिल्ली पुलिस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आधिकारिक आवास और निर्वाचन आयोग के कार्यालय के आसपास बृहस्पतिवार को सुरक्षा कड़ी कर दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) कुमार को ‘जेड-प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है, जिसमें कम से कम 32 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं और इनमें अधिकतर दिल्ली पुलिस के जवान हैं।

केंद्र सरकार ने तत्कालीन मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार के कार्यकाल के दौरान सीईसी की सुरक्षा को बढ़ाकर शीर्ष श्रेणी में कर दिया था।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है। विपक्षी दल मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत कथित ‘‘वोट चोरी’’ को लेकर कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

कॉजपा ने भी कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की मांग की है। मुंबई और बेंगलुरु में प्रदर्शन करने के बाद कॉजपा ने 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी में मार्च निकालने की घोषणा की है।

यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब विपक्षी नेता दिल्ली में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को राजघाट पर प्रदर्शन किया गया, जहां नेताओं ने महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की और ‘‘भाजपा सरकार तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त को सद्बुद्धि’’ देने के लिए प्रार्थना की।

प्रदर्शन कर रहे नेताओं ने बाद में कहा कि कुमार के इस्तीफे तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आकाशवाणी भवन परिसर में आठ घंटे तक धरना दिया था। बुधवार को विपक्षी नेताओं को शांगरी-ला होटल के पास जंतर-मंतर की ओर बढ़ने से रोक दिया गया और उन्हें हिरासत में लिया गया।

विपक्ष ने आरोप लगाया है कि एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने का उद्देश्य भाजपा का विरोध करने वाले लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित करना था और उसने सरकार तथा निर्वाचन आयोग पर ‘‘वोट चोरी’’ का आरोप लगाया है।

भाषा

राखी अविनाश

अविनाश