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टाटा, विप्रो, इन्फोसिस समेत कई आईटी कंपनियां अमेरिकी ग्रीन कार्ड कार्यक्रम से निलंबित

(सागर कुलकर्णी)

वाशिंगटन, आठ अक्टूबर (भाषा) अमेरिका ने बृहस्पतिवार को कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, टाटा, विप्रो, एचसीएल, कैपजेमिनी, माइक्रोसॉफ्ट और एडोब समेत आठ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम से निलंबित कर दिया।

इस कार्यक्रम के तहत कंपनियां एच-1बी वीजा पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए 'ग्रीन कार्ड' को आवेदन कर सकती हैं।

अमेरिका के श्रम मंत्री कीथ सॉन्डरलिंग ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अमेरिकी धोखाधड़ी-रोधी कार्यबल के प्रमुख की मौजूदगी में यह घोषणा की।

सॉन्डरलिंग ने कहा, ‘‘मैं कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, टाटा, विप्रो, एचसीएल और कैपजेमिनी जैसी दुनिया की कुछ सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम से निलंबित कर रहा हूं।’’

उन्होंने कहा कि श्रम विभाग माइक्रोसॉफ्ट और एडोब को भी इस कार्यक्रम से निलंबित कर रहा है।

सॉन्डरलिंग ने कहा, ‘‘हम इन कंपनियों से जुड़े स्थायी श्रम प्रमाणन के किसी नए आवेदन को स्वीकार नहीं करेंगे और न ही लंबित आवेदनों पर प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘2009 से अब तक केवल इन कंपनियों ने लगभग 30 लाख विदेशी कर्मचारियों के लिए अनुरोध किया है। उन्हें एच-1बी वीजा के 2,30,000 से अधिक अनुमोदन और एक लाख से अधिक स्थायी श्रम प्रमाणन मिले हैं।’’

सॉन्डरलिंग ने कहा, ‘‘ये सैकड़ों हजार नौकरियां अमेरिकी कर्मचारियों से छीन ली गईं।’’

भाषा योगेश अजय

अजय