नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर (भाषा) पिछले साल सितंबर में जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाए जाने के बाद औसत जीएसटी दर घटकर 10.84 प्रतिशत रह गई है, जो 2023 में 11.4 प्रतिशत थी। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
एक जुलाई, 2017 को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू किए जाने के समय राजस्व-तटस्थ दर (आरएनआर) 15.8 प्रतिशत आंकी गई थी।
राजस्व तटस्थ दर कर की वह दर है, जिस पर नई कर व्यवस्था लागू होने के बाद भी सरकार का कर राजस्व पुराने करों के बराबर ही बना रहता है। यानी सरकार को न तो कोई नुकसान होता है और न ही अतिरिक्त लाभ।
जीएसटी परिषद ने सितंबर में अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को युक्तिसंगत बनाते हुए चार दरों...5, 12, 18 और 28 प्रतिशत...वाली जीएसटी संरचना को दो दरों...5 और 18 प्रतिशत...में बदल दिया था। इसके अलावा विलासिता और हानिकारक वस्तुओं पर 40 प्रतिशत की दर रखी गई थी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि सितंबर में दरों में कटौती की घोषणा के बावजूद जीएसटी राजस्व में वृद्धि हुई है।
जीएसटी संग्रह वित्त वर्ष 2026-27 के पहले छह महीनों में 11.6 प्रतिशत बढ़कर 12.46 लाख करोड़ रुपये हो गया।
सीतारमण ने यह भी कहा कि जीएसटी परिषद ने 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर मर्चेन्ट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) पर लगाए जाने वाले जीएसटी के मुद्दे पर चर्चा नहीं की।
भाषा रमण अजय
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