मुंबई, आठ अक्टूबर (भाषा) मुंबई उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पूर्व सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे द्वारा मुख्यमंत्री के बंगले और शहर के पुलिस आयुक्तालय तक जाने के लिए महंगी कारों के इस्तेमाल किए जाने पर सवाल उठाया।
वाजे 2021 के ‘एंटीलिया’ बम कांड और कारोबारी मनसुख हिरन की हत्या के मामले में आरोपी हैं।
न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ ने कहा कि जब भी पुलिस की वर्दी पहने किसी व्यक्ति पर अपराध का आरोप लगाया जाता है, तो उसकी ईमानदारी, उसके आचरण और अन्य कई पहलुओं पर भी विचार किया जाना चाहिए।
अदालत राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की ओर से दायर उस अपील पर सुनवाई कर रही है, जिसमें विशेष अदालत के 29 सितंबर के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत वाजे को जमानत दी गई थी।
उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह जमानत के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी, जिस वजह से वाजे अब भी ठाणे केंद्रीय जेल में बंद हैं।
एनआईए की ओर से बृहस्पतिवार को पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह गवाहों के बयान पढ़ रहे थे, जिनमें बताया गया था कि वाजे मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी कारें चलाते थे।
इसके बाद अदालत ने सवाल किया कि सहायक पुलिस निरीक्षक के पद पर रहते हुए वाजे इतनी महंगी कारें कैसे चला पाते थे।
पीठ ने कहा, ‘‘सहायक पुलिस निरीक्षक के पद पर रहते हुए यह व्यक्ति मर्सिडीज से अपने कार्यालय जाता था, जो पुलिस आयुक्त के कार्यालय वाली ही इमारत में था। वह (वाजे) मर्सिडीज से वर्षा बंगले (मुख्यमंत्री के आवास) भी गये थे।’’
अदालत ने वाजे के तीन महीने से अधिक समय तक ओबेरॉय होटल में ठहरने पर भी सवाल उठाया।
न्यायमूर्ति कुलकर्णी ने पूछा, ‘‘वह ओबेरॉय होटल में 100 दिन तक कैसे ठहर सकते हैं या उनके लिए कमरा कैसे बुक कराया गया? क्या यह सब सहायक पुलिस निरीक्षक के वेतन से संभव है? सहायक पुलिस निरीक्षक पद के एक अधिकारी को प्रति माह कितना वेतन मिलता है?’’
सिंह ने कहा कि सहायक पुलिस निरीक्षक का वेतन 90,000 रुपये से अधिक नहीं होगा।
अदालत मामले में अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को करेगी। उसने तब तक जमानत के आदेश पर लगी रोक को बढ़ा दिया है।
दक्षिण मुंबई में 'एंटीलिया' के पास 25 फरवरी, 2021 को विस्फोटक सामग्री से भरी एसयूवी गाड़ी मिली थी।
यह गाड़ी कथित तौर पर चोरी होने से पहले हिरन के पास थी। वह पांच मार्च, 2021 को पड़ोसी ठाणे की एक खाड़ी में मृत पाए गए थे।
एनआईए ने वाजे को 13 मार्च, 2021 को दोनों मामलों में गिरफ्तार किया था।
इसके बाद उन्हें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय की जांच वाले भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी बनाया गया था। वाजे को भ्रष्टाचार के मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी है।
भाषा
देवेंद्र अविनाश
अविनाश