इस्लामाबाद, आठ अक्टूबर (भाषा) पाकिस्तान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने सऊदी अरब में अपने देश के सैनिकों की मौजूदगी की पुष्टि करते हुए कहा है कि यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा खाड़ी देश पर बढ़ते हमलों के बीच ये सैनिक अलग-अलग क्षमताओं और क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी की यह पुष्टि हाल में हुए मक्का रक्षा समझौते के तहत पाकिस्तान और तुर्किये के सऊदी अरब में अपने सैनिकों की तैनाती पर सहमति जताने के कुछ दिन बाद आई है।
यह समझौता अगस्त में तीनों देशों के बीच हुआ था। इसमें सामूहिक प्रतिरोध के लिए एक रूपरेखा तय की गई है और कहा गया है कि इनमें से किसी एक देश पर सशस्त्र हमला सभी पर हमला माना जाएगा।
चौधरी ने सीएनएन को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘मैं पुष्टि कर सकता हूं कि पाकिस्तान के सैनिक पहले से ही सऊदी अरब में मौजूद हैं। मैं आपको इसका आश्वासन दे सकता हूं।’’
चैनल के अनुसार, उन्होंने सैनिकों की तैनाती, उनकी क्षमताओं या संख्या का विवरण साझा नहीं किया और कहा कि ये जानकारियां गोपनीय हैं।
जब उनसे पूछा गया कि क्या सैनिकों की तैनाती मक्का समझौते के तहत की गई है, तो प्रवक्ता ने कहा कि यह त्रिपक्षीय समझौता 'यह कोई ऐसी चीज नहीं है जो अचानक या बिना किसी संदर्भ के सामने आई हो’’।
उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच राजनयिक, राजनीतिक, सैन्य और लोगों के स्तर पर लगातार मजबूत संबंध रहे हैं। इसलिए, मैं आपको बता सकता हूं कि पाकिस्तानी बल विभिन्न क्षमताओं और क्षेत्रों में पहले से ही वहां मौजूद हैं।'
भाषा प्रचेता सुरेश
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