नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पूरे भारत में दिव्यांग बच्चों के लिए बने पुनर्वास केंद्रों के नियमन, मानकों और निगरानी तंत्र के बारे में राज्य-वार जानकारी मांगी।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने केंद्र सरकार से कहा कि वह सभी राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों से कानूनी ढांचों को क्रियान्वित करने, नियामक इकाई बनाने और ऐसी सुविधाओं की निगरानी से जुड़ा आवश्यक डेटा एकत्र करे तथा उसे हलफनामे के जरिए रिकॉर्ड पर लाए।
मामले में पेश हुए, वकील राहुल बजाज ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 के तहत कानूनी नियमों के पालन में कमियों की ओर इशारा किया।
पीठ ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 22 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है।
भाषा नेत्रपाल अविनाश
अविनाश