रांची, आठ अक्टूबर (भाषा) झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का बृहस्पतिवार को रामगढ़ जिले के उनके पैतृक गांव नेमरा में दाह संस्कार कर दिया गया। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
उनके बड़े बेटे हेमंत सोरेन ने पैतृक गांव स्थित श्मशान घाट पर मुखाग्नि दी।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन (करीब 80 वर्ष) का बुधवार शाम रांची के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था।
इससे पहले, उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रांची स्थित मोराबादी स्थित उनके (रूपी सोरेन के) आवास पर रखा गया था, जहां राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और चंपई सोरेन तथा मंत्री चमरा लिंडा और दीपिका पांडे सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
बाद में उनके पार्थिव शरीर को ‘शव वाहन’ के जरिए रांची से लगभग 75 किलोमीटर दूर नेमरा ले जाया गया।
जनजातीय परंपराओं के अनुसार पार्थिव शरीर को उनके पैतृक घर में फूलों से सजी खाट पर रखा गया, जहां रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए पार्थिव शरीर पर चादरें, शॉल और फूल चढ़ाए। ताबूत को तिरंगे और झामुमो के झंडे में लपेटा गया था।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन और उनके परिवार के सभी सदस्यों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘रूपी सोरेन जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। आदिवासी समाज के लोगों के सशक्तीकरण और कल्याण के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य हमेशा याद किए जाएंगे।’’
मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘रूपी सोरेन जी के निधन से दुखी हूं। उन्होंने हमेशा आदिवासी समुदायों के सशक्तीकरण के लिए काम किया। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं हेमंत जी, कल्पना जी और उनके पूरे परिवार के साथ हैं।’’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने भी एक दिन पहले उनके निधन पर शोक व्यक्त किया था।
रूपी सोरेन ने 1999 में अविभाजित बिहार में दुमका लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी से पांच हजार से कम मतों के अंतर से हार गई थीं।
इसके बाद उन्होंने कोई चुनाव नहीं लड़ा और अपने पति की देखभाल में जीवन समर्पित कर दिया। पिछले साल अगस्त में शिबू सोरेन का निधन हो गया था।
इस साल की शुरुआत में उन्होंने अपने पति की ओर से पद्म भूषण पुरस्कार प्राप्त किया था। शिबू सोरेन को यह सम्मान मरणोपरांत दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में दिया गया था।
उन्होंने अपने बेटे हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण समारोह में भी हिस्सा लिया था।
भाषा
सुमित नरेश
नरेश