भोपाल, आठ अक्टूबर (भाषा) मध्यप्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने बृहस्पतिवार को युवाओं के लिए एक अलग विभाग गठित करने और उसके लिए अलग से बजट आवंटित करने की मांग की।
सिंह ने एक बयान में कहा कि प्रदेश के पढ़े-लिखे युवाओं पर आज करियर और जीवन का संकट मंडरा रहा है, लेकिन सरकार 'इवेंट मैनेजमेंट' में लगी हुई है।
उन्होंने कहा कि साल 2023 में बड़े-बड़े दावों के साथ घोषित की गई राज्य युवा नीति आज भी सिर्फ कागजों तक ही सीमित है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसे कभी जमीन पर लागू ही नहीं किया गया जबकि राज्य युवा आयोग भी बिना किसी बजट के केवल नाम मात्र के लिए चल रहा है।
सिंह ने उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और असम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां युवाओं के लिए अलग विभाग काम कर रहे हैं तो मध्यप्रदेश में ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश का युवा वर्ग घोर प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा, 'मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि खेल और युवा मामलों के विभाग से हटाकर एक स्वतंत्र युवा कल्याण विभाग बनाया जाए और उसके लिए पर्याप्त बजट आवंटित हो।'
उन्होंने दावा किया कि खेल और युवा कल्याण विभाग के बजट में युवा कल्याण के कार्यों के लिए एक भी रुपया अलग से निर्धारित नहीं किया गया है और यह विभाग पूरी तरह से खेल-कूद की गतिविधियों तक सिमटकर रह गया है।
भाषा ब्रजेन्द्र संतोष
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