नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर (भाषा) दिल्ली सरकार ने पूर्व अनुमति के बिना छुट्टियों पर जाने के प्रति अपने शीर्ष अधिकारियों को आगाह किया है और उन्हें किसी भी प्रकार की छुट्टी के लिए मुख्यमंत्री तथा संबंधित मंत्रियों की मंजूरी लेने का निर्देश दिया है।
सचिव (सेवा) नंदिनी पालीवाल द्वारा बुधवार को जारी एक आदेश के अनुसार, यह देखा गया है कि छुट्टियों से संबंधित निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिसे मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया है।
सरकार द्वारा जारी पिछले आदेशों में, सक्षम प्राधिकारी (उपराज्यपाल) ने निर्देश दिया था कि सभी अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस), प्रमुख सचिव और विभागों के प्रमुख आकस्मिक अवकाश सहित किसी भी प्रकार की छुट्टी पर जाने के बारे में मुख्यमंत्री और अपने विभाग के प्रभारी मंत्रियों को पूर्व सूचना देंगे।
सेवा विभाग ने महकमों के शीर्ष अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने का पुन: निर्देश दिया है और कहा है कि विभागाध्यक्ष एवं उससे ऊपरी स्तर के अधिकारियों के प्रत्येक अवकाश से संबंधित आवेदन की एक प्रति मुख्यमंत्री के सचिव को भेजी जाए।
इसने चेतावनी दी है कि निर्देशों का पालन न करने को गंभीरता से लिया जाएगा और कार्रवाई की जा सकती है।
अधिकारियों ने कहा कि वरिष्ठों को पहले से औपचारिक रूप से सूचित किए बिना अधिकारियों का छुट्टी पर जाना एक 'पुरानी' समस्या है और इस संबंध में नियमित निर्देश दिए जाते रहे हैं।
हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शीर्ष अधिकारियों को नियम का पालन करने और उचित प्रक्रिया अपनाने के लिए कहना मामले की गंभीरता की ओर इशारा करता है।
पिछले साल, कैबिनेट मंत्री आशीष सूद के कार्यालय द्वारा गृह, शिक्षा, उच्च शिक्षा, शहरी विकास और बिजली विभागों के अधिकारियों को व्हाट्सऐप के जरिये छुट्टी मांगने के संबंध में निर्देश जारी किए गए थे।
अधिकारी बिना पूर्व सूचना के या अपनी अनुपस्थिति वाले दिन व्हाट्सऐप के जरिये सूचना देकर छुट्टी गए थे।
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