नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बृहस्पतिवार को घरेलू और विदेशी निवेशकों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि सरकार अब कारोबार सुगमता के साथ-साथ ‘कारोबार करने की गति’ बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के साझेदारी सम्मेलन के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा और पेट्रोरसायन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में राज्य में बड़े निवेश आ रहे हैं।
यह शिखर सम्मेलन 12-13 नवंबर को विशाखापत्तनम में आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य प्रोत्साहनों का ऑनलाइन और वास्तविक समय में हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए एस्क्रो खाता व्यवस्था शुरू करेगा।
नायडू ने कहा, ‘‘हर कोई कारोबार करने में आसानी की बात कर रहा है। अब मैं कारोबार करने की गति की बात कर रहा हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में हम विशाखापत्तनम में एस्क्रो खाता शुरू करने जा रहे हैं। इसके बाद किसी भी उद्योगपति को हमारे पास आने की जरूरत नहीं होगी। आपके सभी प्रोत्साहन ऑनलाइन होंगे। हम वास्तविक समय में उन्हें आपके खाते में स्थानांतरित करेंगे। यह एक बड़ा कदम होगा।’’
उन्होंने कहा कि राज्य निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है और कई बड़ी परियोजनाएं पहले ही क्रियान्वयन के अलग-अलग चरणों में हैं।
नायडू ने कहा, ‘‘सबसे बड़ी परियोजना... विशाखापत्तनम में गूगल का एआई केंद्र...15 अरब अमेरिकी डॉलर का एकल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश... है। आर्सेलरमित्तल एक पूरा इस्पात शहर बना रही है। इसमें भी एक लाख करोड़ रुपये का निवेश है। पांच गीगावाट के डेटा केंद्र बन रहे हैं। रिलायंस और अन्य कंपनियां भी बड़े पैमाने पर आ रही हैं।’’ उन्होंने कहा कि भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (बीपीसीएल) राज्य में पेट्रोरसायन परिसर बना रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पता चलता है कि राज्य केवल समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर नहीं कर रहा, बल्कि उन्हें लागू करने के लिए भी काम कर रहा है।
पोलावरम परियोजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम 27 मार्च को इसका उद्घाटन करने जा रहे हैं। इसके बाद पानी की पर्याप्त उपलब्धता होगी। आप सभी जानते हैं कि दक्षिण भारत में पानी की समस्या है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम गोदावरी को कावेरी से जोड़ते हैं तो चार राज्यों और पांच नदियों (गोदावरी, कृष्णा, तुंगभद्रा, ताना और कावेरी) से जुड़ी सभी समस्याएं हल हो जाएंगी।’’
नायडू ने कहा, ‘‘राज्यवार देखें तो कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु—ये सभी चार राज्य हैं। अब पानी को लेकर संघर्ष की स्थिति है।’’ उन्होंने कहा कि पानी की समस्या का समाधान होने से राज्य विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि कृष्णा और गोदावरी नदियों को जोड़ने तथा प्रमुख बंदरगाहों, हवाई अड्डों, सड़कों और रेलवे के एकीकरण से आंध्र प्रदेश दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए प्रवेश द्वार बन सकता है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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