नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर (भाषा) कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और घरेलू तथा वैश्विक स्तर पर मौद्रिक रुख और सख्त होने की आशंका के बीच व्यापक बिकवाली से शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को भारी गिरावट आई और निवेशकों की संपत्ति करीब 10 लाख करोड़ रुपये घट गई।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,045 अंक यानी 1.44 प्रतिशत गिरकर 71,593.24 अंक पर बंद हुआ। यह ढाई साल से अधिक समय में सेंसेक्स का सबसे निचला बंद स्तर है। कारोबार के दौरान यह 1,310.95 अंक यानी 1.80 प्रतिशत तक गिरकर 71,327.75 अंक पर आ गया था।
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण एक ही दिन में 10,01,898.68 करोड़ रुपये घटकर 4,60,97,032 करोड़ रुपये (4.76 लाख करोड़ डॉलर) रह गया।
एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘घरेलू मौद्रिक नीति के और सख्त होने की संभावना, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी के कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट जारी रही, जिससे जोखिम लेने की धारणा प्रभावित हुई। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद कारोबार के दौरान ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत तेजी से 104 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई, जिससे आयातित महंगाई को लेकर चिंता फिर बढ़ गई।’’
इस साल अब तक सेंसेक्स 13,627.36 अंक यानी 16 प्रतिशत गिर चुका है। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 3,897.8 अंक यानी 14.91 प्रतिशत टूट गया है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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