नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर (भाषा) दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को हुई हिंसा की जांच के लिए एक प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने कहा कि जांच में हिंसा के लिए कथित रूप से जिम्मेदार लोगों की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा और यह तफ्तीश की जाएगी कि क्या यह हिंसा पूर्व नियोजित थी।
उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर नयी दिल्ली जिले के कई थानों में दर्ज 17 प्राथमिकी रद्द कर दी गई थीं।
अपराध शाखा ने जंतर-मंतर पर कॉजपा के एक और प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से दो दिन पहले प्राथमिकी दर्ज की है। इस बार यह प्रदर्शन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए किया जाएगा।
हालांकि एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि किसी भी विरोध प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी गई है।
नई प्राथमिकी के संबंध में पुलिस सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अपराध शाखा की टीम इस बात की भी जांच करेंगी कि कॉजपा द्वारा 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च के आह्वान के बाद क्या आपराधिक तत्व प्रदर्शन स्थलों में घुस गए थे।
विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में पुलिस कर्मियों पर कथित हमले और पुलिस वाहनों सहित सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शामिल था। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा उनके खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग का भी आरोप लगाया था।
पुलिस ने कहा कि अपराध शाखा आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 2,873 लोगों की भूमिका की भी जांच करेगी, जिनकी पहचान विरोध प्रदर्शन के दौरान चेहरे की पहचान प्रणाली (एफसीआर) के माध्यम से की गई थी।
पुलिस ने यह भी कहा कि उनकी एफसीआर की सटीकता लगभग 50 प्रतिशत सही है।
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