नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर (भाषा) बजरंग दल ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 10 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर अपने स्वयंसेवकों को इकट्ठा करने की उसकी कोई योजना नहीं है।
यह बयान उन आरोपों के बीच आया है जिनमें कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों पर हिंसा भड़काने के लिए दक्षिणपंथी समूहों को लामबंद किया गया है।
बजरंग दल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उसने हमेशा देश में किसी भी तरह के 'अराजक विरोध' का प्रतिरोध किया है और वह मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाने के बहाने किए जा रहे ऐसे प्रदर्शनों का भी विरोध करता है।
पोस्ट में कहा गया, ‘‘कुछ लोग बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के जंतर-मंतर आने को लेकर भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। बजरंग दल की ऐसी कोई योजना नहीं है।’’
यह बयान कॉजपा के सह-संयोजक आशुतोष रांका के ‘एक्स’ पर लगाए गए उस आरोप के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा कि भाजपा में ‘‘ऊंचे पद पर बैठे’’ किसी व्यक्ति ने उन्हें बताया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा भड़काने के लिए देशभर से दक्षिणपंथी कट्टरपंथी समूहों को जुटाया गया है।
रांका ने कहा कि कॉजपा का 10 अक्टूबर का प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा और चेतावनी दी कि लोगों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बजरंग दल ने कहा कि जनता के समर्थन के बिना ‘‘तथाकथित आंदोलन’’ पहले के ऐसे ही आंदोलनों की तरह ‘‘स्वाभाविक रूप से समाप्त’’ हो जाएगा।
भाषा प्रचेता सुरेश
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