नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर (भाषा) रियल एस्टेट कंपनियों द्वारा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए आंतरिक संसाधनों का इस्तेमाल करने को प्राथमिकता देने से इस साल जनवरी-सितंबर के दौरान रिहायशी क्षेत्र में संस्थागत निवेश सालाना आधार पर 39 प्रतिशत घटकर 69.5 करोड़ डॉलर रह गया। रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी कोलियर्स ने यह जानकारी दी।
कोलियर्स इंडिया ने बृहस्पतिवार को भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र के विभिन्न खंड में हुए संस्थागत निवेश के आंकड़े जारी किए।
आंकड़ों के अनुसार, इस साल के पहले नौ महीनों में आवासीय परिसंपत्तियों में संस्थागत निवेश 39 प्रतिशत घटकर 69.45 करोड़ डॉलर रह गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 113.97 करोड़ डॉलर था।
हालांकि, इस दौरान कार्यालय परिसंपत्तियों में निवेश 46 प्रतिशत बढ़कर 216.93 करोड़ डॉलर हो गया, जो एक साल पहले 148.27 करोड़ डॉलर था।
औद्योगिक और लॉजिस्टिक पार्क में निवेश 15 प्रतिशत बढ़कर 37.19 करोड़ डॉलर हो गया, जो एक साल पहले 32.47 करोड़ डॉलर था।
खुदरा रियल एस्टेट (शॉपिंग मॉल) में निवेश 78 प्रतिशत घटकर 8.52 करोड़ डॉलर रह गया, जो एक साल पहले 38 करोड़ डॉलर था।
मिश्रित उपयोग वाली परियोजनाओं में संस्थागत निवेश जनवरी-सितंबर में 42 प्रतिशत बढ़कर 100.7 करोड़ डॉलर हो गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 70.78 करोड़ डॉलर था।
कोलियर्स इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक बादल याग्निक ने कहा, ‘‘रिहायशी क्षेत्र में निवेश मुख्य रूप से विकास संबंधी परियोजनाओं में हुआ, जबकि कार्यालय क्षेत्र में निवेश मुख्य रूप से परिचालन वाली परिसंपत्तियों पर केंद्रित रहा।’’
आंकड़ों के अनुसार, रियल एस्टेट से इतर आतिथ्य क्षेत्र में निवेश बढ़कर 63.22 करोड़ डॉलर हो गया, जो एक साल पहले 8.82 करोड़ डॉलर था।
भाषा राजेश राजेश अजय
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