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नगांव उपचुनाव में भाजपा के संभावित उम्मीदवार पर कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से दखल का किया आग्रह

गुवाहाटी, चार सितंबर (भाषा) नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव में भाजपा की तरफ से पूर्व उपायुक्त देवाशीष शर्मा को अपना उम्मीदवार बनाने की खबरों के बीच कांग्रेस की असम इकाई ने शुक्रवार को निर्वाचन आयोग से हस्तक्षेप की मांग की।

विपक्षी दल ने कहा कि इससे उपचुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं, क्योंकि शर्मा हाल तक जिले के ‘संवेदनशील मामलों’ से सीधे जुड़े रहे हैं।

हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि किसी भी चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन पर पार्टी की एक तय प्रक्रिया है और टिकट चाहने वालों को कुछ मानदंडों को पूरा करना होता है तथा शर्मा ने अभी तक पार्टी की सदस्यता भी नहीं ली है।

कांग्रेस ने हाल में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले शर्मा के कार्यकाल की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग की है। इसमें ग्राम पंचायतों को आवंटित धन में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच भी शामिल है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया पर अपनी आशंकाएं जाहिर कीं, वहीं धुबरी से पार्टी सांसद रकीबुल हुसैन ने इस मुद्दे को लेकर निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है।

गोगोई ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘असम में नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव के संबंध में निर्वाचन आयोग को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। नगांव के उपायुक्त देवाशीष शर्मा के इस्तीफे और उनके भाजपा के टिकट पर आगामी उपचुनाव लड़ने के कथित प्रयास को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।’’

दो बार सांसद रहे प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के कारण नगांव सीट पर चुनाव होना है। उन्होंने असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। बोरदोलोई अब दिसपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं।

गोगोई ने कहा कि पिछले कुछ महीनों के दौरान जिला आयुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में शर्मा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई संवेदनशील पहलुओं से सीधे जुड़े थे और ‘‘उनके द्वारा लिए गए फैसलों का उपचुनाव की निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है।’’

उन्होंने निर्वाचन आयोग से शर्मा के जिला आयुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में कार्यकाल और कथित वित्तीय अनियमितताओं की स्वतंत्र एवं समयबद्ध जांच कराने का निर्देश देने का आग्रह किया। गोगोई ने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग की ओर से कोई भी निष्क्रियता भारत में चुनावों को लेकर जनता के विश्वास को और कमजोर करेगी।’’

भाषा आशीष अविनाश

अविनाश