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त्रिपुरा : आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादी जारी रखेंगे नाकाबंदी, सरकार की अपील खारिज

अगरतला, चार सितंबर (भाषा) त्रिपुरा में आत्मसमर्पण कर चुके उग्रवादियों के सात संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक संयुक्त समिति ने राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए अपनी मांगों के पूरा होने तक सड़कों और रेल पटरियों की नाकाबंदी जारी रखने का निर्णय लिया है।

यह घटनाक्रम तब सामने आया, जब जिरानिया के उप संभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) अनिमेष धर ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनसे नाकाबंदी हटाने की अपील की थी।

आत्मसमर्पण कर चुके उग्रवादियों के समूहों द्वारा अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर शुरू की गई 72 घंटों की राज्यव्यापी रेल और सड़क नाकाबंदी के कारण उत्तर-पूर्वी राज्य के पांच जिलों में वाहनों और रेलगाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है।

इन मांगों में उस त्रिपक्षीय समझौते को लागू करने की मांग भी शामिल है, जिसके तहत इन संगठनों ने हथियार डाले थे।

उग्रवादी संगठनों - नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी) (ओरिजिनल), एनएलएफटी (पीडी) और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (एटीटीएफ)- ने केंद्र और राज्य सरकार के साथ 2024 में त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद हथियार डाल दिए थे।

इन संगठनों का हालांकि आरोप है कि उनकी मांगें अब तक पूरी नहीं की गई हैं।

यह नाकाबंदी शुरुआत में आत्मसमर्पण करने वाले तीन उग्रवादी संगठनों द्वारा शुरू की गई थी, लेकिन बाद में चार अन्य समूह - एनएलएफटी (नयनबाशी), ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जेएसी), ज्वाइंट एक्शन रिहैबिलिटेशन कमेटी (जेएआरसी) और एटीटीएफ (ओल्ड) - भी इस आंदोलन में शामिल हो गए।

एनएलएफटी (ओरिजनल) के नेता प्रसेनजीत देववर्मा ने संवाददाताओं से कहा, 'हम भीषण गर्मी का सामना करते हुए सड़क पर नहीं बैठना चाहते, लेकिन सरकार द्वारा किए गए वादों को पूरा कराने के लिए आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को रेल और सड़क संपर्क ठप करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।'

उन्होंने कहा, 'हालांकि, हमारी 11 सूत्री मांगें हैं, लेकिन सरकार को सूची में शामिल आत्मसमर्पण करने वाले सभी पूर्व उग्रवादियों को पुनर्वास के लिए तुरंत स्वीकृत करना चाहिए। उग्रवादी संगठनों के 1,200 से अधिक कार्यकर्ताओं में से पुलिस ने अब तक केवल 91 को ही स्वीकार किया है।'

उन्होंने मांग की कि पूर्व कार्यकर्ताओं के खिलाफ लंबित सभी पुलिस मामलों को भी वापस लिया जाना चाहिए।

देववर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी सभी 'जायज मांगों' को तुरंत पूरा करने पर सहमत नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

जिरानिया उपसंभाग के हतई कोटोर में आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के नेताओं के साथ बातचीत करने वाले एसडीएम धर ने कहा कि प्रशासन ने उनकी मांगों से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है।

देववर्मा ने कहा कि अपनी मांगों के समर्थन में दबाव बनाने के लिए आत्मसमर्पण कर चुके उग्रवादियों के सात संगठनों के सदस्य इस आंदोलन में शामिल हुए हैं। देववर्मा ने कहा, ‘‘हमने आवश्यक कदम उठाने के लिए उनके मुद्दों से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है।’’

भाषा सुमित दिलीप

दिलीप