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भाजपा सरकार राजस्थान के शहरी स्थानीय निकायों को कमजोर कर रही: डोटासरा का आरोप

जयपुर, चार सितंबर (भाषा) राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शुक्रवार को भाजपा सरकार पर अनुदान रोककर शहरी स्थानीय निकायों को कमजोर करने और शहरों की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं करने का आरोप लगाया।

उन्होंने आगामी स्थानीय निकाय चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के दौरान सरकारी मशीनरी के कथित दुरुपयोग का भी आरोप लगाया।

डोटासरा ने आरोप लगाया कि परिसीमन और आरक्षण की कवायद के तहत पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व को कम किया गया है।

उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस के करीब आधे उम्मीदवार 40 वर्ष से कम उम्र के हैं, जबकि एक-तिहाई से अधिक उम्मीदवार महिलाएं हैं।

यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए डोटासरा ने आरोप लगाया कि राज्य के 10 नगर निगमों में किसी भी सीट पर अनुसूचित जाति (एससी) या अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षण नहीं दिया गया है।

उन्होंने दावा किया कि नगर निगमों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं के लिए केवल एक सीट आरक्षित की गई है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘इन चुनावों में ओबीसी को मिलने वाला आरक्षण 21 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।’’

डोटासरा ने शहरों और कस्बों की स्थिति को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि सड़कों की हालत खराब है और यातायात जाम, साफ-सफाई, आवारा पशुओं तथा नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।

कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार पर शहरी स्थानीय निकायों को उनके हिस्से के पूरे अनुदान का भुगतान नहीं करने का भी आरोप लगाया।

आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि 2024-25 में 1,779.07 करोड़ रुपये के देय अनुदान के मुकाबले 1,423.27 करोड़ रुपये जारी किए गए, जबकि 2025-26 में 1,818.47 करोड़ रुपये के मुकाबले 1,225.06 करोड़ रुपये ही जारी किए गए।

उन्होंने दावा किया कि छठे वित्त आयोग के तहत 2025-26 में 2,286.02 करोड़ रुपये मिलने थे, लेकिन इसके मुकाबले करीब 1,085 करोड़ रुपये ही जारी किए गए।

डोटासरा ने शहरी स्थानीय निकाय चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के दौरान भी सत्ता और सरकारी मशीनरी के कथित दुरुपयोग के आरोप लगाए।

राजस्थान के 309 शहरी स्थानीय निकायों में मतदान दो चरणों में 9 और 11 सितंबर को होगा।

इन चुनावों में पार्षद के 10,245 पदों के लिए मतदान होना है। इनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगर पालिकाएं शामिल हैं। पार्षद पदों के लिए मतगणना 14 सितंबर को होगी।

शहरी स्थानीय निकायों के अध्यक्षों का चुनाव 21 सितंबर को होगा। इसके बाद 22 सितंबर को उप महापौर, उपसभापति और नगरपालिका उपाध्यक्षों के चुनाव होंगे।

भाषा बाकोलिया

संतोष

संतोष

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