नयी दिल्ली, चार सितंबर (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने मालवीय नगर स्थित एक होटल में इस साल तीन जून को लगी भीषण आग के मामले में पुलिस द्वारा दाखिल आरोप पत्र का संज्ञान लिया है। इस अग्निकांड में 23 लोगों की जान चली गई थी।
न्यायिक मजिस्ट्रेट भानू प्रताप ने होटल मालिक लवकेश बजाज और दो अन्य के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र पर विचार के लिए दलीलें सुनी। इन पर होटल का लाइसेंस हासिल करने के लिए दिया गया आवेदन खारिज होने के बावजूद 26 कमरों वाले प्रतिष्ठान को संचालित करने के लिए बेड-एंड-ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) नियमों का कथित रूप से उल्लंघन करने का आरोप है।
अदालत ने तीन सितंबर के अपने आदेश में कहा, 'मौजूदा आरोप पत्र तीन आरोपियों के खिलाफ दाखिल किया गया है... इसके परीक्षण से स्पष्ट है कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप और रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री प्रथम दृष्टया मामले में आगे की कार्यवाही करने के लिए पर्याप्त हैं। तदनुसार, यह अदालत आरोपपत्र में उल्लिखित अपराधों का संज्ञान लेती है।''
इससे पहले, एक सितंबर को दिल्ली पुलिस ने होटल अग्निकांड मामले में बजाज, प्रबंधक सह लेखाकार जय मिश्रा और रसोइए केशव नेगी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि यह प्रतिष्ठान बी-एंड-बी मानदंडों का उल्लंघन करके चलाया जा रहा था, जिसके तहत केवल छह कमरों की अनुमति थी।
अदालत ने कहा कि तीनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के पर्याप्त आधार हैं। इसके साथ ही अदालत ने आरोपों पर बहस के लिए मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर तय की।
पुलिस ने बताया कि अदालत में करीब 1,500 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया गया है, जिसमें न्यायिक व चिकित्सा दस्तावेज और अन्य संलग्नक शामिल हैं। जांच के दौरान 130 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
भाषा सुमित पवनेश
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