(फाइल फोटो सहित)
पणजी, चार सितंबर (भाषा) गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शुक्रवार को कहा कि अगर पुर्तगाली इस राज्य में नहीं आए होते तो यहां भी दक्षिण भारत के मंदिरों जैसे भव्य मंदिर होते।
सावंत ने दिवर में ऐतिहासिक कोटि तीर्थ स्थल के जीर्णोद्धार की घोषणा करते हुए कहा कि पुर्तगाली शासन के दौरान कई मंदिरों को नष्ट कर दिया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अगर पुर्तगाली गोवा नहीं आए होते तो यहां भी दक्षिण भारत के मंदिरों जैसे मंदिर देखने को मिलते।’’
सावंत ने कहा कि गोवा पर आठ से दस राजवंशों ने शासन किया। उन्होंने कहा कि कदंब शासकों ने स्थानीय गोवावासियों के साथ मिलकर कई मंदिरों का निर्माण कराया था।
उन्होंने कदंब काल को राज्य का ‘‘स्वर्णिम युग’’ करार देते हुए कहा, ‘‘लेकिन इनमें से कई धार्मिक ढांचों को बाद में पुर्तगाली शासन के दौरान नष्ट कर दिया गया।’’
कोटि तीर्थ कॉरिडोर परियोजना के तहत आयोजित ‘उदक शांति’ और ‘गंगा पूजन’ समारोह में सावंत ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पुर्तगाली शासन के दौरान नष्ट किए गए मंदिरों की विरासत को फिर से जीवंत करना है।
कोटि तीर्थ परियोजना को एक विरासत पहल के रूप में तैयार किया गया है, जो पुर्तगाली काल के दौरान नष्ट किए गए मंदिरों और धार्मिक स्थलों का प्रतिनिधित्व करेगी। इसका उद्देश्य वर्तमान पीढ़ी को गोवा की औपनिवेशिक काल से पहले की सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटि तीर्थ कॉरिडोर परियोजना एक साल के भीतर पूरी कर ली जाएगी। सावंत ने यह भी कहा कि सेंट आंद्रे विधानसभा क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक महत्व वाले प्राचीन गोपकापट्टन बंदरगाह का भविष्य में विकास किया जाएगा।
भाषा आशीष अविनाश
अविनाश