नयी दिल्ली, चार सितंबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा और टिपरा मोथा के संस्थापक प्रद्योत किशोर देबबर्मा के साथ बैठक की।
यह बैठक आगामी ग्राम समिति चुनावों के लिए चुनावी समझौते और स्थानीय लोगों के लिए भूमि अधिकारों की क्षेत्रीय पार्टी की मांग को लेकर दोनों सहयोगियों के बीच मतभेदों के बीच हुई।
सूत्रों ने बताया कि शाह के आवास पर हुई करीब 90 मिनट की बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्वोत्तर समन्वयक संबित पात्रा भी मौजूद थे।
आदिवासी मुद्दों पर बार-बार टकराव के बावजूद, भाजपा और टिपरा मोथा राज्य सरकार में सहयोगी बने हुए हैं। शुक्रवार की बैठक अहम है क्योंकि दोनों पक्ष 28 सितंबर को होने वाले त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त परिषद (टीटीएएडीसी) के तहत 587 ग्राम समितियों के चुनाव के लिए सीट बंटवारे के संभावित समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।
टीटीएएडीसी त्रिपुरा के भौगोलिक क्षेत्र के लगभग दो-तिहाई हिस्से में फैला है और यहां राज्य की जनजातीय आबादी का एक बड़ा हिस्सा निवास करता है। इसलिए जनजातीय राजनीति पर पकड़ बनाए रखना दोनों पार्टियों के लिए बहुत जरूरी है।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान देबबर्मा मूल निवासियों के भूमि अधिकारों की सुरक्षा की अपनी मांग पर अड़े रहे और उन्हें भाजपा नेतृत्व से भरोसा मिला कि इस मुद्दे पर संज्ञान लिया जाएगा। हालांकि, दोनों दलों के बीच किसी चुनावी समझौते की रूपरेखा को लेकर कोई तत्काल आधिकारिक घोषणा नहीं की गई।
साहा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज नयी दिल्ली में माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान टिपरा मोथा पार्टी के संस्थापक महाराजा प्रद्योत माणिक्य जी और भाजपा के पूर्वोत्तर समन्वयक संबित पात्रा जी भी मौजूद थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने आपसी महत्व के मुद्दों और त्रिपुरा के लोगों के विकास व कल्याण पर सार्थक और रचनात्मक चर्चा की।’’
देबबर्मा ने बुधवार को कहा था कि टिपरा मोथा, छठी अनुसूची वाले इलाकों में मूल निवासियों के भूमि अधिकारों पर लिखित आश्वासन मिले बिना, ग्राम समिति चुनावों के लिए किसी गठबंधन में शामिल नहीं होगी।
त्रिपुरा में ग्राम समितियों के चुनाव 10 साल के अंतराल के बाद हो रहे हैं। ये चुनाव 2022 में होने थे, लेकिन कोविड-19 महामारी और उसके बाद आई कानूनी अड़चनों के कारण इनमें देरी हुई।
भाषा धीरज नरेश
नरेश