कोट्टयम (केरलम), चार सितंबर (भाषा) केरलम के कोट्टयम जिले की एक बच्ची के शरीर में सुई मिलने पर उसके माता-पिता ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि यह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उपचार के दौरान रह गयी होगी।
परिजनों ने बताया कि जुलाई 2026 में कोझिकोड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में विस्तृत जांच के दौरान एक साल की बच्ची की दाहिनी पसलियों के पास सुई होने का पता चला, जिसे बाद में सर्जरी करके बाहर निकाल दिया गया।
यह बच्ची कोझिकोड जिले के चठमंगलम में रहने वाले विनीश नामक की व्यक्ति की बेटी है और उसकी मां का नाम अंजू है। अंजू ने संवाददाताओं को बताया कि उनका मायका कोट्टयम के एट्टुमानूर के पास है और उन्होंने चठमंगलम के निवासी विनीश से शादी की है।
अंजू के अनुसार, उनकी बेटी का जन्म जून 2025 में कोट्टयम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुआ था और पीलिया होने के कारण उसे अस्पताल के नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में स्थानांतरित कर दिया गया था।
उन्होंने बताया कि जब बच्ची को एनआईसीयू से छुट्टी दी गई, तो उन्होंने उसकी दाहिनी पसलियों के पास सूजन देखी और चिकित्सकों को दिखाई।
अंजू ने कहा, 'हालांकि, चिकित्सकों ने हमसे कहा कि यह एक मामूली सूजन है जो इलाज के साथ कम हो जाएगी। बच्ची को लगातार दर्द होता रहता था और वह अक्सर रोती थी, लेकिन चिकित्सकों ने हमसे कहा कि शिशुओं में इस तरह की तकलीफें आम बात हैं।'
उन्होंने बताया कि जुलाई 2026 में बच्ची की दाहिनी पसली के पास तेज दर्द हुआ और फिर से सूजन आ गई।
इसके बाद उसे कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां स्कैन में पसलियों के पास एक सुई फंसी होने की बात सामने आई।
अंजू ने कहा, 'अस्पताल में सर्जरी करके सुई को निकाला गया। चिकित्सकों ने हमें बताया कि यह सुई काफी लंबे समय से बच्ची के शरीर के अंदर मौजूद लग रही थी।'
अंजू ने स्पष्ट किया कि इस एक वर्ष के दौरान बच्ची की कोई अन्य सर्जरी नहीं हुई थी और न ही उसे लंबे समय तक किसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसलिए परिवार को संदेह है कि कोट्टायम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एनआईसीयू में इलाज के दौरान ही सुई बच्ची के शरीर के भीतर छूट गई होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि एनआईसीयू में भर्ती किए जाने के समय ली गई तस्वीरों में उन्होंने बच्ची के शरीर के पास एक नुकीली चीज देखी थी।
परिवार ने इस कथित चिकित्सीय लापरवाही पर कार्रवाई की मांग करते हुए कोट्टायम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक से शिकायत की है और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन से भी संपर्क करने की योजना बना रहा है।
शिकायत के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
भाषा सुमित नरेश रंजन
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