चंडीगढ़, चार सितंबर (भाषा) कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने शुक्रवार को उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन से चंडीगढ़ में सेमीकंडक्टर अनुसंधान और रोबोटिक्स को समर्पित एक पूरी तरह वित्त पोषित केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि ऐसा संस्थान भारत को महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में अपनी क्षमता विकसित करने में मदद करेगा।
तिवारी के आग्रह पर प्रतिक्रिया देते हुए उपराष्ट्रपति ने पंजाब विश्वविद्यालय में नवीनतम वैज्ञानिक विषयों को शामिल किए जाने का उल्लेख किया और इसे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में शामिल करने पर जोर दिया।
उपराष्ट्रपति ने पंजाब विश्वविद्यालय का दौरा किया, जहां उन्होंने अत्याधुनिक उपकरण सुविधा केंद्र और पंजाब विश्वविद्यालय प्रौद्योगिकी नवाचार मंच (पीयू टीआईएफ) का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष भी मौजूद थे।
अपने संबोधन में चंडीगढ़ के सांसद तिवारी ने कहा कि वह उपराष्ट्रपति से एक व्यक्तिगत अनुरोध करना चाहते हैं।
तिवारी ने कहा कि हाल ही में केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए 730 करोड़ रुपये की पूरी तरह वित्त पोषित केंद्रीय विश्वविद्यालय की सौगात दी है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपसे (राधाकृष्णन) अनुरोध करना चाहता हूं कि मोहाली, जो पहले मेरा संसदीय क्षेत्र था, वहां 1980 के दशक में भारत का पहला सेमीकंडक्टर परिसर स्थापित किया गया था इसलिए सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में हम अग्रणी रहे हैं।’’
तिवारी ने कहा, ‘‘मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि चंडीगढ़ में सेमीकंडक्टर अनुसंधान और रोबोटिक्स के लिए एक समर्पित विश्वविद्यालय की आवश्यकता है। उत्तर भारत में ऐसा कोई कैंपस नहीं है। मैं इस अवसर पर आपसे और दोनों राज्यपालों से व्यक्तिगत रूप से अनुरोध करना चाहता हूं, क्योंकि चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा दोनों की राजधानी भी है।’’
तिवारी को अपना अच्छा मित्र बताते हुए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘वह (तिवारी) यह बात रख रहे हैं, क्योंकि वह लोकसभा सदस्य हैं, मैं उनकी राजनीतिक मजबूरियों को समझता हूं। उन्होंने एक बात कही कि कुछ (केंद्रीय विश्वविद्यालय) आंध्र प्रदेश चला गया है।’’
उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘यह मेरा रवैया नहीं है। मेरा रवैया यह है कि मुझे जो चाहिए, वह मैं हासिल करूंगा। दूसरों को जो मिलना है, वह उनकी मांग है और उस पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। लेकिन, तिवारी जी एक राष्ट्रवादी हैं। मैं जानता हूं कि वह हर बात को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।’’
राधाकृष्णन, जो पंजाब विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं, ने कहा कि विश्वविद्यालय का 80 प्रतिशत वित्त पोषण केंद्र सरकार करती है, जबकि 20 प्रतिशत राशि राज्य सरकार की ओर से दी जाती है।
भाषा
शफीक नरेश
नरेश