इंदौर (मध्यप्रदेश), चार सितंबर (भाषा) इंदौर में पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों की खरीद-फरोख्त करने में शामिल गिरोह का खुलासा करते हुए इसके चार सदस्यों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोनीश मंडलोई (29), पीयूष कुशवाह (22), ऋषि पवार (20) और सुजल सोनी (20) के रूप में हुई है।
उन्होंने बताया कि गिरोह के एक सदस्य रूपेश मंगरोलिया (26) की तलाश की जा रही है।
डीसीपी ने बताया कि खाताधारक मंडलोई से पूछताछ में पता चला कि उसके मित्र पीयूष कुशवाह के कहने पर उसने बैंक खाता खुलवाया और उसकी पासबुक, चेकबुक, एटीएम सहित पूरी बैंक किट कुशवाह को दे दी जिसके बदले उसे 2,000 रुपये मिले।
उन्होंने बताया कि कुशवाह ने यह खाता ऋषि पवार को 5,000 रुपये में बेचा और पवार ने इसे 10,000 रुपये में बेच दिया।
डीसीपी के मुताबिक जांच में यह भी सामने आया कि मंगरोलिया द्वारा यूएसडीटी डिजिटल क्रिप्टोकरेंसी को भारतीय रुपये में बदलने के नाम पर ठगी के जरिये लोगों से रुपये प्राप्त करके विभिन्न बैंक खातों में भेजे जाते थे।
उन्होंने बताया कि मामले में सुजल सोनी की भूमिका भी जांच में सामने आई है।
अधिकारी के मुताबिक गिरोह का एक बैंक खाता आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में दर्ज साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों से जुड़ा है।
डीसीपी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के संबद्ध प्रावधानों के तहत मामला दर्ज करके विस्तृत जांच की जा रही है।
भाषा हर्ष
संतोष
संतोष