वडोदरा, चार सितंबर (भाषा) गुजरात में वडोदरा के एक सरकारी मेडिकल कॉलेज के एक प्रोफेसर का चिकित्सकों की ओर से लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों के बाद तत्काल भावनगर तबादला कर दिया गया।
रेजीडेंट चिकित्सकों ने एक दिन पहले संस्थान के दौरे पर आए स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पांशेरिया से मुलाकात कर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी।
कॉलेज के चिकित्सकों के एक संगठन के पदाधिकारी ने बताया कि प्रोफेसर के खिलाफ शिकायतों में रैगिंग, अश्लील संदेश भेजना, ड्यूटी समय के बाद अनुचित मांगें करना और अन्य आरोप शामिल हैं।
हालांकि, प्रोफेसर की पत्नी ने अपने पति पर लगाए गए आरोपों को गलत बताया है।
स्वास्थ्य मंत्री पांशेरिया के बृहस्पतिवार को ‘अचानक निरीक्षण’ के लिए बड़ौदा मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर मनोचिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. चिराग बरोट के खिलाफ 18 चिकित्सकों के एक समूह ने लिखित शिकायत सौंपी थी।
राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से जारी आधिकारिक तबादला आदेश के अनुसार, शिकायत मिलने के कुछ घंटों के भीतर ही डॉ. बरोट का वडोदरा से भावनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में तबादला कर दिया गया।
बड़ौदा मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए) के अध्यक्ष डॉ. चिंतन सोलंकी ने कहा कि मंत्री के साथ बातचीत के दौरान कॉलेज के मनोचिकित्सा विभाग के जूनियर और वरिष्ठ रेजीडेंट चिकित्सकों के एक समूह ने डॉ. बरोट के खिलाफ गंभीर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए।
उन्होंने बताया कि शिकायतों में रैगिंग, अश्लील संदेश भेजना, काम के समय के बाद अनुचित मांगें करना, छात्रावास के कमरे का नंबर पूछना और काम के दौरान अश्लील टिप्पणियां करने जैसे आरोप शामिल हैं।
वहीं, डॉ. चिराग बरोट की पत्नी डॉ. धारा बरोट ने अपने पति का बचाव करते हुए आरोपों को गलत बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास उन रेजीडेंट चिकित्सकों के व्यवहार के संबंध में पर्याप्त सबूत हैं, जिन्होंने मेरे पति के खिलाफ शिकायत की है। रेजीडेंट चिकित्सक हमारे घर आते थे। उन्होंने झूठे आरोप लगाए क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि मेरे पति यहां रहें। उनके खिलाफ साजिश रची गई है।’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘मेरे पति के साथ रेजीडेंट चिकित्सकों ने जो किया, उसके बारे में मैं जानना चाहती हूं कि दोनों पक्षों को सुने बिना कोई निर्णय कैसे लिया जा सकता है।’’
स्वास्थ्य मंत्री पांशेरिया ने मेडिकल कॉलेज का दौरा कर विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया और विभागाध्यक्षों, चिकित्सकों, कर्मचारियों, छात्रों तथा उपचार करा रहे मरीजों से बातचीत की।
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