नयी दिल्ली, चार सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘‘महिलाओं के भविष्य की संभावनाओं को खत्म करना’’ ही कांग्रेस नेता और उनकी पार्टी की सरकारों की असली सोच है।
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘विपक्ष के नेता राहुल गांधी के लिए 'पितृसत्ता को खत्म करने' का नारा सिर्फ खोखले शब्द और राजनीतिक बयानबाजी है।’’
यह बयान तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी द्वारा राज्य की वन मंत्री कोंडा सुरेखा को तत्काल प्रभाव से मंत्रिपरिषद से हटाए जाने के एक दिन बाद आया है। यह कार्रवाई सुरेखा की बेटी द्वारा मुख्यमंत्री और अन्य लोगों के खिलाफ की गई कुछ टिप्पणियों को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद की गई है।
सुरेखा ने दावा किया कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेड्डी पर ‘‘ब्लैकमेल की राजनीति’’ करने का आरोप लगाया।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वराज ने कहा, ‘‘अभी कल ही हमने तेलंगाना में देखा कि कैसे उनकी (राहुल गांधी की) कांग्रेस पार्टी और राज्य सरकार ने अपनी ही एक वरिष्ठ नेता को अपमानित किया और मंत्रिमंडल से हटा दिया गया।’’
उन्होंने कहा कि सुरेखा ने कांग्रेस सरकार और तेलंगाना के मुख्यमंत्री पर ‘‘बेहद गंभीर’’ आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं पूछना चाहती हूं कि राहुल गांधी अन्याय और ब्लैकमेल के इन आरोपों पर चुप क्यों हैं? शायद इसलिए क्योंकि उनके लिए 'पितृसत्ता को खत्म करना' सिर्फ एक चुनावी जुमला है, राजनीतिक बयानबाजी से ज्यादा कुछ नहीं है।’’
स्वराज ने आरोप लगाया कि असल में राहुल गांधी, कांग्रेस और उसकी सरकारों की सोच यह है कि ‘‘अगर महिलाएं प्रगतिशील हैं तो उनके भविष्य की संभावनाओं को खत्म कर दिया जाए।’’
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘आपने देखा होगा कि हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक, जहां कांग्रेस की सरकारें हैं, में एक भी महिला को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपने लायक नहीं समझा गया।’’
गत 22 अगस्त को पुणे में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने ‘मनुस्मृति वाली सोच’ की कड़ी आलोचना की थी और छात्राओं से ‘पितृसत्ता को खत्म करने’ का आह्वान किया था।
भाषा वैभव सुरेश
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