नयी दिल्ली, चार सितंबर (भाषा) दिल्ली निर्वाचन कार्यालय ने आम आदमी पार्टी (आप)और कांग्रेस द्वारा मसौदा मतदाता सूची से हटाए गए मतदाताओं की अधूरी जानकारी प्राप्त होने के आरोप पर कहा कि उसने जानकारी साझा कर दी है और दलों के बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलओ) को ऐसे लोगों के पते नोट कर लेने चाहिए थे।
आप और कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ‘अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, नाम मे दोहराव’ (एएसडीडी) श्रेणी में चिह्नित उन मतदाताओं के पते पार्टियों को नहीं दिए गए, जिनके नाम 31 अगस्त को जारी मसौदा मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।
आप की राष्ट्रीय राजधानी इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस प्रमुख देवेंद्र यादव ने दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय को पत्र लिखकर एएसडीडी श्रेणी में रखे गए लोगों के पते और तस्वीर सहित विभिन्न जानकारी मुहैया कराने की मांग की थी।
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत 31 अगस्त को मसौदा सूची जारी की गई। इस प्रक्रिया में राजधानी के 1.45 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 47.5 लाख मतदाताओं के नाम मसौदा सूची से हटा दिए गए हैं।
जिन लोगों के नाम सूची में शामिल नहीं हैं, वे 30 सितंबर तक जरूरी दस्तावेज़ों के साथ फॉर्म 6 भरकर अपना दावा पेश कर सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची चार नवंबर को जारी की जाएगी।
दिल्ली सीईओ कार्यालय ने आप और कांग्रेस के दावों का जवाब देते हुए कहा कि राजनीतिक दलों से कहा गया था कि वे अपने बीएलए को निर्देश दें कि वे एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े संबंधित बूथ-स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ)से संपर्क करें, ताकि एएसडीडी सूची में शामिल मतदाताओं के पते और अन्य जानकारी नोट की जा सके।
बयान में कहा गया कि बीएलओ ने घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कार्य पूरा किया और बीएलए को आवश्यक जानकारी दी और समय-समय पर बीएलए के साथ बैठकें भी कीं।
बयान में कहा गया है कि बीएलओ से मिली जानकारी के आधार पर, निर्वाचन आयोग द्वारा निर्देशित प्रारूप में एएसडीडी के रूप में वर्गीकृत मतदाताओं की एक सूची तैयार की गई और उसे दिल्ली सीईओ की वेबसाइट पर अपलोड किया गया।
दिल्ली सीईओ कार्यालय ने कहा, ‘‘हटाए गए मतदाताओं के पते न बताने के मामले में, राजनीतिक पार्टियों की ओर से मतदान केंद्र के हिसाब से नियुक्त किए गए बीएलओ को बैठक के दौरान संबंधित बीएलओ से एएसडीडी मतदाताओं के पते दर्ज कर लेने चाहिए थे।’’
इसमें कहा गया है कि आम लोग और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक ईआरओ और सभी बीएलओ के कार्यालयों में मौजूद फोटा मतदाता पहचान पत्र की मसौदा सूची की जांच कर सकते हैं।
दिल्ली सीईओ कार्यालय के मुताबिक 31 अगस्त को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ मसौदा सूची की प्रति और डिजिटल प्रति (बिना फ़ोटो के) भी साझा की गईं।
भाषा धीरज नरेश
नरेश