नयी दिल्ली, चार सितंबर (भाषा) दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने शुक्रवार को कहा कि पुलिस ने निशु आजाद के पिता के साथ कथित मारपीट के मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के साथ-साथ हत्या के प्रयास की धारा भी जोड़ी है।
लाकड़ा ने निशु आजाद और उनके पिता के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचकर भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कांग्रेस के विधि विभाग के सदस्य ऋषभ रंजन भी मौजूद थे। दोनों ने थाने के थाना प्रभारी (एसएचओ) से मुलाकात कर मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की।
लाकड़ा ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने उनकी सभी मांगों को सुना और उन्हें स्वीकार किया है।
उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के साथ-साथ हत्या के प्रयास की धारा को भी स्वीकार कर लिया है और इसे भारद्वाज के खिलाफ दर्ज मामले में जोड़ दिया गया है।
उन्होंने कहा कि निशु आजाद को कथित तौर पर मिल रही दुष्कर्म की धमकियों को लेकर भी पुलिस को एक नई शिकायत दी गई है, जिसे पुलिस ने स्वीकार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
लाकड़ा ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने आश्वासन दिया है कि निशु को मिल रही सभी धमकियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘यह जीत सिर्फ निशु आजाद की नहीं है, बल्कि उन तमाम पीड़ित छात्रों की है, जिनके लिए राहुल गांधी निरंतर लड़ रहे हैं।’’
गौरतलब है कि आरोपी भारद्वाज के साक्षात्कार की एक क्लिप वायरल है। खुद को 'कट्टर हिंदू' बताने वाला भारद्वाज वीडियो में यह स्वीकार करते हुए देखा गया कि उसने प्रदर्शन के दौरान निशु आज़ाद के पिता संजय कुमार की 'खोपड़ी फोड़ दी' और अपराध की गंभीरता के बावजूद वह जेल जाने से बच गया।
भाषा हक
हक दिलीप
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