Breaking News

स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा, जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता से मारपीट का है आरोप     |   खराब मौसम के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन प्रभावित, 9 फ्लाइट डायवर्ट     |   बिहार: 4-5 दिनों में बढ़ेगा गंगा का जलस्तर, बक्सर समेत 7 जिलों में बाढ़ का खतरा     |   एअर इंडिया ने नशे में फ्लाइट उड़ाने वाले पायलट को नौकरी से निकाला, पॉजिटिव थी जांच     |   महाराष्ट्र: रत्नागिरी में लैंडस्लाइड, रघुवीर घाट बंद; 15-20 गांवों का संपर्क टूटा     |  

रुपया दो पैसे बढ़कर 94.49 रुपये प्रति डॉलर पर

मुंबई, चार सितंबर (भाषा) रुपये में शुक्रवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में तेजी रही और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दो पैसे मजबूत होकर 94.49 रुपये (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। विदेशी पूंजी प्रवाह बढ़ने और जोखिम लेने की धारणा में सुधार से रुपये को समर्थन मिला।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, मजबूत विदेशी पूंजी प्रवाह और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के हस्तक्षेप से रुपये में मजबूती बने रहने की संभावना है। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव से रुपये की बढ़त सीमित रह सकती है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.53 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 94.46 के दिन के उच्चतम स्तर और 94.53 के निचले स्तर तक गया।

रुपया अंत में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.49 रुपये पर बंद हुआ। यह पिछले बंद भाव की तुलना में दो पैसे की मजबूती है।

रुपया बृहस्पतिवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में मजबूत हुआ और 22 पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.51 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘सकारात्मक घरेलू बाजार, विदेशी पूंजी प्रवाह और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लिवाली से रुपये को समर्थन मिला।’’

रुपये में यह लगातार छठे कारोबारी सत्र में बढ़त है। बुधवार को रुपया 22 पैसे मजबूत होकर 94.73 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। मंगलवार को यह 27 पैसे की बढ़त के साथ 94.95 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इससे पहले सोमवार और शुक्रवार को रुपया क्रमशः 21 पैसे और दो पैसे मजबूत हुआ था।

चौधरी ने कहा, ‘‘वैश्विक बाजारों में मजबूती और निवेशकों के बेहतर जोखिम रुझान के बीच रुपये का रुख सकारात्मक रह सकता है। विदेशी पूंजी के प्रवाह और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वालर की नरम रुख वाली टिप्पणियों के बाद ब्याज दर बढ़ने की कम होती उम्मीद से भी रुपये को समर्थन मिलने की संभावना है।’’

उन्होंने कहा कि हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने की किसी नई घटना से रुपये की तेज बढ़त पर रोक लग सकती है। कारोबारियों की नजर अमेरिका के गैर-कृषि रोजगार के आंकड़ों पर रहेगी।

उनके अनुसार, डॉलर के मुकाबले रुपये की हाजिर विनिमय दर 94.15 से 94.75 के बीच रहने का अनुमान है।

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.21 प्रतिशत बढ़कर 99.11 पर पहुंच गया। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ने से निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की खरीदारी की।

अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल वायदा कारोबार में 0.01 प्रतिशत बढ़कर 95.53 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई।

घरेलू शेयर बाजार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 362.57 अंक बढ़कर 76,515.43 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई का निफ्टी 24.25 अंक की बढ़त के साथ 23,897.70 अंक पर बंद हुआ।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध रूप से 2,345.87 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।

भाषा योगेश रमण

रमण