(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, चार सितंबर (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता पर हमला करने के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
भारद्वाज के साक्षात्कार की एक क्लिप वायरल हो गई थी, जिसके बाद यह विवाद हुआ है। खुद को 'कट्टर हिंदू' बताने वाला भारद्वाज को वीडियो में यह स्वीकार करते हुए देखा जा सकता है कि उसने प्रदर्शन के दौरान निशु आज़ाद के पिता संजय कुमार की 'खोपड़ी फोड़ दी' और अपराध की गंभीरता के बावजूद वह जेल जाने से बच गया।
जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने वाली कॉजपा भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग कर रही है और आरोप लगा रही है कि दिल्ली पुलिस भारद्वाज के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई करने में विफल रही। कथित घटना जंतर-मंतर पर ही हुई थी।
विवाद बृहस्पतिवार को उस वक्त बढ़ गया जब दिल्ली पुलिस ने कहा कि 38-वर्षीय कुमार को हाथापाई के दौरान सिर में साधारण चोट लगी थी। पुलिस ने इस दावे को खारिज कर दिया कि उनकी खोपड़ी की हड्डी टूट गई थी।
पुलिस ने कहा कि भारद्वाज और एक अन्य आरोपी सूरज कुमार को घटनास्थल से ही हिरासत में लिया गया, पूछताछ की गई और नोटिस दिया गया। पुलिस ने यह भी कहा कि इस मामले में आरोप-पत्र दायर किया जाएगा।
कॉजपा के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका तथा सांसद चन्द्रशेखर आजाद उर्फ रावण एवं पप्पू यादव के साथ संगठन (कॉजपा) के सैकड़ों समर्थक भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शुक्रवार को संसद मार्ग थाने पहुंचे।
निशु ने कहा कि पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया कि 'भारद्वाज को 72 घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा'।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'पुलिस ने कहा कि वे 72 घंटों में स्वतंत्र को गिरफ्तार कर लेंगे। हमें विश्वास है कि वे कार्रवाई करेंगे और इसमें देरी नहीं करेंगे, जैसा कि वे कर रहे थे।'
निशु ने यह भी कहा कि घटना के बाद उसे गालियां और दुष्कर्म की धमकियां दी गईं तथा उसने मामले में एक प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बाहर निकलने में भी शर्म आ रही थी। कुछ हफ्तों तक मैं स्कूल नहीं जा सकी, मुझे लगता है कि हर कोई मुझे आंक रहा है। मुझे उम्मीद है कि पुलिस कार्रवाई करेगी।’’
कांग्रेस के विधि विभाग से जुड़े ऋषभ ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने प्राथमिकी में हत्या के प्रयास, अनुसूचित जाति (एससी)/अनुसूचित जनजाति (एसटी) अधिनियम के प्रावधान और आपराधिक धमकी के आरोप जोड़ने की मांग की थी।
उन्होंने कहा, 'वे (पुलिस) सहमत हुए और आश्वासन दिया कि 72 घंटों में उसे (स्वतंत्र भारद्वाज को) गिरफ्तार कर लिया जाएगा।'
ऋषभ ने बताया कि पुलिस ने उन्हें यह भी भरोसा दिलाया है कि निशु को निशाना बनाकर किए गए कथित ऑनलाइन दुर्व्यवहार और आपत्तिजनक तस्वीरों को लेकर एक अलग प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
कॉजपा के सौरव दास ने कहा कि अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) ने संजय कुमार पर हमले से संबंधित प्राथमिकी में हत्या के प्रयास और एससी/एसटी अधिनियम के प्रावधानों को जोड़ने का वादा किया है।
दास ने कहा, 'स्वतंत्र भारद्वाज जैसे गुंडे जंतर-मंतर पर आए थे। क्या दिल्ली पुलिस ने उनकी पहचान नहीं की? उन्होंने हत्या का प्रयास किया। दिल्ली पुलिस उन्हें बचा रही है, कोई कार्रवाई नहीं की गई।'
उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें यह भी आश्वासन दिया था कि निशु को धमकी देने पर एक प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और पॉक्सो अधिनियम के प्रावधान जोड़े जाएंगे।
दास ने कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस ने 72 घंटे में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हमें उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस गुंडों को खुली छूट नहीं देगी।’’
उन्होंने कहा कि कॉजपा प्रतिनिधि कार्रवाई की मांग के लिए थाने आए थे और अगर पुलिस ने अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी नहीं की तो वे फिर वापस आएंगे।
उन्होंने कहा, 'हम यहां आए, दिल्ली पुलिस से बात की। अगर वे प्रतिबद्धता पूरी नहीं करते हैं, तो हमें वापस आना होगा। दिल्ली पुलिस को अपनी प्रतिबद्धता पूरी करनी चाहिए। हम छात्रों के साथ खड़े हैं।'
आज़ाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना के सांसद चन्द्रशेखर आज़ाद ने भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के लिए पुलिस की आलोचना की।
आजाद ने कहा, 'हम सभी ने देखा है कि कैसे आरोपी सार्वजनिक रूप से टेलीविजन चैनलों पर आया और अपने खिलाफ आरोपों को स्वीकार किया। उसने कहा है कि वे पीड़िता को मारना चाहते थे, उन्होंने उस पर हमला किया और उसे चोटें आईं। फिर भी, पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया।'
सांसद ने कहा, 'उन्हें बस नोटिस दिया गया और जाने दिया गया। आरोपी पीड़ित को डरा रहा है। वह ‘स्टेटस अपडेट’ कर रहा है, देश की शांति भंग करने की धमकी दे रहा है और मुसलमानों को निशाना बना रहा है। वह वो सब कुछ कर रहा है जो देश के सांप्रदायिक सद्भाव और एकता को नुकसान पहुंचा सकता है।'
उन्होंने कहा कि निशु को बार-बार दुष्कर्म करने, तेजाब से जलाने और जान से मारने की धमकी दी गई थी।
सांसद ने कहा, 'वे डरे हुए हैं। अगर राष्ट्रीय राजधानी में यह स्थिति है, तो कोई कल्पना कर सकता है कि ग्रामीण इलाकों में स्थिति कैसी होगी। हमने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और उन्होंने मुझे आश्वासन दिया कि वे मामले को देख रहे हैं और गिरफ्तारियां करेंगे...'
यूट्यूब पर उपलब्ध करीब एक घंटे के इस साक्षात्कार में भारद्वाज ने खुद के राजनीतिक संबंध होने का भी दावा किया।
उसने कहा, “मुझे हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त है और दूसरी बात, कपिल मिश्रा मेरे बड़े भाई हैं। लोग कहते हैं कि कपिल मिश्रा ने फोन किया और मुझे छोड़ दिया गया। चिराग पासवान मेरे बड़े भाई हैं। आप कितने नेताओं को जानती हैं? क्या आप (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी जी को जानती हैं? मोदी जी भी मेरे बड़े भाई हैं। मुझे सभी का समर्थन प्राप्त है।”
दास ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को आरोपी के दावे पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'अगर गुंडा खुलेआम कह रहा है कि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान ने फोन किया और उसे छोड़ दिया गया, तो भाजपा के शीर्ष नेताओं को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।'
भाषा नोमान नोमान पवनेश
पवनेश