(आखिरी पैरा में सुधार के साथ रिपीट)
मुंबई, चार सितंबर (भाषा) विदेशी पूंजी के बढ़ते प्रवाह और जोखिम लेने की धारणा में सुधार के बीच रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पांच पैसे मजबूत होकर 94.46 पर पहुंच गया।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, मजबूत विदेशी पूंजी प्रवाह और भारतीय रिजर्व बैंक के आक्रामक हस्तक्षेप से रुपये को मजबूती मिल रही है। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिका-ईरान तनाव रुपये की आगे की बढ़त को सीमित कर सकते हैं।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.53 प्रति डॉलर पर खुला और बाद में बढ़त दर्ज करते हुए 94.46 के स्तर पर पहुंच गया। यह पिछले बंद भाव से पांच पैसे की बढ़त है।
रुपया बृहस्पतिवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में मजबूत हुआ था और 22 पैसे की बढ़त के साथ 94.51 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
भारत ने विदेशी मुद्रा तरलता मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्रीय बैंक की विशेष योजना के तहत विदेशी मुद्रा जमा के जरिये रिकॉर्ड 127.23 अरब डॉलर जुटाए हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा में विदेशी उधारी और विदेशों से वाणिज्यिक उधारी को मिलाकर इन उपायों के तहत कुल प्रवाह 136.377 अरब डॉलर रहा।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.15 प्रतिशत बढ़कर 99.05 पर पहुंच गया। अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ने से सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी है।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.40 प्रतिशत बढ़कर 95.90 डॉलर प्रति बैरल पर था। अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई।
घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 468.64 अंक बढ़कर 76,621.50 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 42.10 अंक की बढ़त के साथ 23,915.55 पर कारोबार कर रहा था।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बृहस्पतिवार को शुद्ध रूप से 2,345.87 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा योगेश
योगेश
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