रांची, चार सितंबर (भाषा) विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा और आरोप लगाया कि कई जिलों में भाजपा कार्यकर्ता बीएलओ पर दबाव डालकर प्रपत्र-7 के जरिये कुछ चुनिंदा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवा रहे हैं।
हालांकि, सीईओ ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) एक पारदर्शी प्रक्रिया है और पात्र मतदाताओं के नाम हटाये नहीं जा सकते।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद कुमार पांडे ने बृहस्पतिवार को सीईओ से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘गढ़वा, गोड्डा और चतरा समेत कई जिलों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि भाजपा कार्यकर्ता और उनके बूथ-स्तरीय एजेंट (बीएलए), बीएलओ (बूथ स्तर के अधिकारियों) पर मतदाता सूची से कुछ चुनिंदा मतदाताओं के नाम हटाने के लिए दबाव डाल रहे हैं।’’
झारखंड कांग्रेस के नेताओं के अलावा राजद और भाकपा (माले) लिबरेशन के प्रतिनिधि भी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे।
पांडे ने कहा कि उन्होंने मांग की कि सीईओ ऐसे कार्यों में शामिल लोगों की पहचान करें और उनके खिलाफ कार्रवाई करें।
प्रपत्र-7 का इस्तेमाल मौजूदा मतदाता सूचियों से नाम हटाने के लिए अनुरोध करने के लिए किया जाता है।
सीईओ ने कहा कि फिलहाल मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया के तहत दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बीएलए सामूहिक रूप से आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं और एक दिन में अधिकतम 10 फॉर्म बीएलओ को जमा कर सकते हैं।
कुमार ने कहा, ‘‘एसआईआर प्रक्रिया पारदर्शी है। पात्र मतदाताओं के नाम हटाए नहीं जा सकते। प्रपत्र-6 या प्रपत्र-7 का विवरण वेबसाइट के माध्यम से जांचा जा सकता है।’’
उन्होंने कहा कि यह धारणा ‘‘पूरी तरह गलत’’ है कि गलत सूचना के आधार पर किसी का नाम गुप्त रूप से हटाया जा सकता है।
भाषा देवेंद्र वैभव
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