Breaking News

स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा, जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता से मारपीट का है आरोप     |   खराब मौसम के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन प्रभावित, 9 फ्लाइट डायवर्ट     |   बिहार: 4-5 दिनों में बढ़ेगा गंगा का जलस्तर, बक्सर समेत 7 जिलों में बाढ़ का खतरा     |   एअर इंडिया ने नशे में फ्लाइट उड़ाने वाले पायलट को नौकरी से निकाला, पॉजिटिव थी जांच     |   महाराष्ट्र: रत्नागिरी में लैंडस्लाइड, रघुवीर घाट बंद; 15-20 गांवों का संपर्क टूटा     |  

इसरो ने उन्नत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया

(आर. सत्यनारायण)

श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश), चार सितंबर (भाषा) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को इतिहास रचते हुए भू-तुल्यकालिक कक्षा में स्थापित होने वाले देश के पहले इमेजिंग उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया।

भू-तुल्यकाली उपग्रह प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी) के जरिए 2,300 किलोग्राम से अधिक वजनी उपग्रह को निर्धारित कक्षा में स्थापित किया गया।

इसरो ने बताया कि ईओएस-05 उपग्रह प्रक्षेपण के करीब 18 मिनट बाद निर्धारित उप-भूतुल्यकालिक अंतरण कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंच गया।

जहां कई पृथ्वी अवलोकन उपग्रह निचली पृथ्वी कक्षा (एलईओ) में संचालित होते हैं, वहीं ईओएस-05 करीब 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई पर भू-तूल्यकालिक कक्षा में स्थापित होगा। इस कक्षा में उपग्रह पृथ्वी की घूर्णन गति के साथ तालमेल बैठाएगा ।

जीएसएलवी द्वारा ले जाया गया 2,300 किलोग्राम से अधिक वजन वाला यह उपग्रह, अब तक का सबसे भारी उपग्रह है। इसरो के वैज्ञानिकों के अनुसार, उपग्रह को बेहद सटीक तरीके से उसकी निर्धारित दिशा में आगे बढ़ाया गया।

मिशन से जुड़े एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने उपग्रह को ‘‘आसमान से नजर रखने वाली आंख’’ करार दिया और कहा कि यह उपग्रह वास्तविक समय में तस्वीरें उपलब्ध कराएगा और कृषि एवं आपदा प्रबंधन समेत कई क्षेत्रों में देश की मदद करेगा।

इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने सफल प्रक्षेपण की घोषणा करते हुए कहा, “मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि जीएसएलवी एफ-17 यान ने उन्नत ईओएस-05 भू-इमेजिंग उपग्रह को सफलतापूर्वक और सटीक तरीके से निर्धारित कक्षा में स्थापित कर दिया है।”

भाषा शोभना सिम्मी

सिम्मी