हुब्बली, तीन सितंबर (भाषा) कर्नाटक के हुब्बली-धारवाड़-बेलगावी (एचडीबी) क्षेत्र में बेंगलुरु से आगे एक प्रमुख प्रौद्योगिकी और नवाचार केंद्र के रूप में उभरने की क्षमता है। इससे उत्तर कर्नाटक में निवेश, प्रतिभा और गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। राज्य सरकार के मंत्री प्रियंक खरगे ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन (केडीईएम) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि प्रियंक खरगे ने यह बात एचडीबी टेक्सेलेरेशन 2026 के छठे संस्करण में कही। इस कार्यक्रम में 700 से अधिक प्रतिनिधियों, 100 स्टार्टअप और 25 निवेशकों के साथ उद्योग जगत के नेताओं, नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों और प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े हितधारकों ने हिस्सा लिया।
सूचना प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी विभागों का दायित्व संभाल रहे खरगे ने कार्यक्रम के दौरान कहा, 'एचडीबी क्षेत्र सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम), इलेक्ट्रिक वाहन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डीप टेक, इंडस्ट्री 4.0 और उन्नत इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं का विकास कर रहा है। इससे इस क्षेत्र में एक बड़े प्रौद्योगिकी और विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए मजबूत आधार तैयार हो रहा है।'
दो दिवसीय शिखर सम्मेलन कर्नाटक सरकार के ‘बियॉन्ड बेंगलुरु मिशन’ का हिस्सा है, जिसका संचालन कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन (केडीईएम) कर रहा है।
भाषा तान्या रंजन
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