नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने बृहस्पतिवार को किसानों के मुद्दों को लेकर राजनीतिक नेताओं से संपर्क करने और उन्हें जागरूक करने का अभियान शुरू करने की घोषणा की।
संगठन ने कहा कि वह केंद्र सरकार द्वारा किए गए आश्वासनों को लागू नहीं किए जाने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने का समय भी मांगेगा।
एसकेएम ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर मोदी से किसानों की मांगों का ज्ञापन सौंपने के लिए मुलाकात का समय मांगा गया है, लेकिन अभी तक समय नहीं मिला है।
किसान संगठन ने कानूनी गारंटी वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) समेत अपनी पुरानी मांगें दोहराईं और व्यापार समझौतों को रद्द करने की मांग की। उसने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर किसान फिर सड़कों पर उतरेंगे।
एसकेएम ने तीन अक्टूबर को देश के एक लाख गांवों में ‘महापंचायत’ आयोजित करने और करीब 10 लाख स्वयंसेवकों, जिनमें 2.5 लाख महिलाएं शामिल होंगी, को जुटाने की घोषणा की। संगठन ने कहा कि 26 नवंबर से किसान आंदोलन फिर शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा।
एसकेएम ने किसानों के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के आधार पर एमएसपी कानून, 42,000 रुपये मासिक न्यूनतम मजदूरी, व्यापक कर्जमाफी, मनरेगा बहाली और चार श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग की। उसने किसानों का पलायन, आत्महत्या और बेरोजगारी की समस्या को रोकने के लिए नीतियां बनाने की भी मांग की।
भाषा राखी रंजन
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