नैनीताल, तीन सितंबर (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कथित ‘शुद्धीकरण’ की घटना को लेकर उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है।
देहरादून के सामाजिक कार्यकर्ता बैजनाथ ने जनहित याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए उससे संबंधित इलेक्ट्रॉनिक व दस्तावेज़ी सबूतों को सुरक्षित रखे जाने का अनुरोध किया है। इस याचिका पर उच्च न्यायालय में सात सितंबर को सुनवाई होने की संभावना है।
याचिका के अनुसार, रामलीला मैदान में खरगे की जनसभा के बाद, उसी जगह पर वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच गंगाजल छिड़ककर कथित तौर पर ‘शुद्धीकरण’ अनुष्ठान किया गया। याचिकाकर्ता का तर्क है कि सार्वजनिक जगह पर इस तरह की हरकत से सामाजिक अशांति और तनाव पैदा हो सकता है।
याचिकाकर्ता ने घटना से जुड़े सभी इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेज़ी सबूतों को सुरक्षित रखने के लिए निर्देश देने का आग्रह किया है। इसमें जनसभा की वीडियो रिकॉर्डिंग, जनसभा के बाद कार्यक्रम स्थल पर हुई गतिविधियों की फुटेज और उस क्षेत्र में या उसके आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखे जाने के निर्देश देने को कहा गया है।
याचिकाकर्ता के अनुसार, कथित अनुष्ठान से जुड़ी पूरी सच्चाई और हालात का पता लगाने के लिए सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत घटना से संबंधित जानकारी भी मांगी गयी है।
भाषा सं दीप्ति शफीक
शफीक