नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) बाहरी उत्तरी दिल्ली के नरेला में बृहस्पतिवार सुबह अज्ञात हमलावरों ने एक जिम के बाहर प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस को हत्या के पीछे गिरोह प्रतिद्वंद्विता का संदेह है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी प्रमोद दहिया के रूप में हुई है।
उनके मुताबिक, घटना सुबह करीब सात बजे हुई जब हमलावरों ने दहिया पर गोलियां चलाईं और मौके से भाग गए। पुलिस हमलावरों की पहचान करने और घटनाओं के क्रम का पता लगाने के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
पुलिस ने एक बयान में कहा कि उन्हें सुबह 7.15 बजे घटना के बारे में सूचना मिली कि प्रमोद (42) नामक व्यक्ति की कई गोलियां लगने के कारण मौत हो गई है। घटनास्थल पर कारतूस के 15 खोखे भी मिले हैं।
मृतक के भाई एवं प्रत्यक्षदर्शी पवन कुमार ने कहा कि सुबह लगभग 6:50 बजे, वह और प्रमोद जिम के पास आए थे, तभी दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनपर गोलीबारी की। दोनों हमलावर एक अन्य सह-आरोपी के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर मौके से भाग गए।
पुलिस ने बयान में कहा, “अज्ञात आरोपियों के खिलाफ नरेला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया जा रहा है।”
पुलिस ने कहा कि आरोपियों का पता लगाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और कई टीम की गई हैं।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि इस हत्या के पीछे गिरोह प्रतिद्वंद्विता का शक है।
दहिया के एक रिश्तेदार ने कहा कि घटना सुबह करीब पौने सात बजे हुई जब वह जिम गए थे।
रिश्तेदार ने कहा, ‘‘वह नियमित रूप से जिम जाता था। मुझे मेरे कुछ परिचितों ने फोन किया कि प्रमोद को गोली मार दी गई है और वह गंभीर रूप से घायल है। मैं तुरंत मौके पर पहुंचा। मुझे पता चला कि हमलावर स्कूटर पर आए थे। उन्होंने करीब 15 गोलियां चलाईं और उसकी हत्या कर दी।’’
रिश्तेदार ने बताया कि दहिया प्रॉपर्टी डीलर था और उसकी किसी से रंजिश नहीं थी।
रिश्तेदार ने परिवार के लिए न्याय की मांग की और आरोपियों को मुठभेड़ में ढेर करने समेत जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा, ‘‘जब उत्तर प्रदेश पुलिस ऐसा कर सकती है तो दिल्ली पुलिस क्यों नहीं? हमने अपना भाई खो दिया और न्याय तभी होगा जब पुलिस हत्यारों को मार गिराएगी।’’
रिश्तेदार ने आरोप लगाया कि जिस जगह दहिया को गोली मारी गई, वहां से थाना करीब 300 मीटर की दूरी पर स्थित है, इसके बावजूद पुलिस घटना के करीब दो घंटे बाद वहां पहुंची।
उन्होंने कहा, ‘‘आरोपियों को पकड़ने से परिवार को न्याय नहीं मिलेगा। हम न्याय चाहते हैं। उन्होंने मेरे भाई के साथ जो किया, उनका भी वही हश्र होना चाहिए।’’
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