अयोध्या, तीन सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा ने बृहस्पतिवार को अयोध्या में न्यास के सदस्यों और पदाधिकारियों के साथ अपनी पहली बैठक में भाग लिया।
रामघाट स्थित ट्रस्ट के श्री राम जन्मभूमि क्षेत्र कार्यालय में हुई इस बैठक में उन्हें वित्तीय लेखे-जोखे और प्रशासनिक व्यवस्थाओं समेत ट्रस्ट के कामकाज के बारे में जानकारी दी गयी।
मिश्रा ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, “यह एक परिचयात्मक बैठक थी जिसमें मैंने ट्रस्ट के अन्य सदस्यों से भेंट की। अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों को समझने में मुझे कुछ और दिन लगेंगे।”
सूत्रों ने बताया कि मिश्रा को सीईओ नियुक्त किया गया है लेकिन उन्होंने अभी तक औपचारिक रूप से पद का कार्यभार नहीं संभाला है लेकिन उम्मीद है कि वह अगले कुछ दिनों में औपचारिक रूप से कार्यभार संभाल लेंगे।
मिश्रा ने पत्रकारों से कहा, “सीईओ के कामकाज को समझने में मुझे चार से पांच दिन लगेंगे। उसके बाद मैं कार्यभार संभालूंगा।”
ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि ने बताया, “बृहस्पतिवार को ट्रस्ट के सदस्यों की सीईओ के साथ औपचारिक परिचयात्मक बैठक हुई। आने वाले दिनों में सीईओ के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने वाले मानक संचालन प्रक्रिया बनाई जाएंगी। ”
सूत्रों ने बताया कि मिश्रा अभी मंदिर ट्रस्ट कार्यालय में ठहरे हैं और उम्मीद है कि दिन में बाद में वह कुछ अन्य बैठकों में शामिल होंगे।
ट्रस्ट के सूत्रों ने बताया कि शाम को मिश्रा ट्रस्ट के खातों से जुड़ी एक और बैठक में शामिल हुए, जिसमें गिरि, पूर्व अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन और ट्रस्ट के अन्य सदस्य राम मंदिर में मौजूद थे।
सूत्रों ने बताया कि सीईओ को प्रशासनिक एवं वित्तीय व्यवस्थाओं समेत ट्रस्ट के कामकाज के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई और इस दौरान मिश्रा ने ट्रस्ट व मंदिर से संबंधित कई सवाल भी पूछे जिनका सदस्यों ने जवाब दिया।
सूत्रों के मुताबिक, न्यासियों ने सीईओ को राम मंदिर में हुए दान की कथित चोरी के मामले और विवाद के बाद हुई घटनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
ट्रस्ट ने अभी तक उस मानक संचालन प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू नहीं की है जो सीईओ के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को तय करेंगी।
महासचिव गोविंद देव गिरि ने पूर्व में कहा था कि यह प्रक्रिया आने वाले दिनों में तैयार की जाएगी।
सूत्रों ने बताया कि सीईओ का कामकाज ट्रस्ट के फैसलों और नीतियों के अनुसार होगा।
उन्होंने बताया कि सीईओ को ट्रस्ट का शीर्षस्थ अधिकारी नहीं माना जाएगा बल्कि बड़े नीतिगत फैसले और मुख्य वित्तीय मामले न्यासियों के पास ही रहेंगे।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ट्रस्ट नीतियां बनाएगा, जबकि सीईओ उनके प्रभावी कार्यान्वयन और रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज की देखरेख के लिए जिम्मेदार होगा।
सीईओ ट्रस्ट के महासचिव के प्रति सीधे तौर पर जवाबदेह होंगे।
सूत्रों के मुताबिक, सीईओ की जिम्मेदारियों में दर्शन एवं भक्तों के लिए व्यवस्था की देखरेख, कतार प्रबंधन, स्वच्छता, मानव संसाधन प्रबंधन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, सीईओ को दान, खर्च, खरीद और विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता और स्थापित प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने का जिम्मा भी सौंपा जाएगा, जबकि बड़े वित्तीय फैसलों के लिए ट्रस्ट स्तर पर मंजूरी की आवश्यकता बनी रहेगी।
सीईओ से पुलिस, जिला प्रशासन और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय करने और मंदिर परिसर और उससे जुड़ी सुविधाओं से जुड़ी विकास परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी करने की भी अपेक्षा की जाएगी।
सूत्रों ने बताया कि सीईओ की जिम्मेदारियों में भक्तों की खासी भीड़ की सम्भावना वाले अवसरों यानी राम नवमी, दीपोत्सव और जन्माष्टमी जैसे बड़े अवसरों की तैयारी भी शामिल हो सकती है।
पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान में आतंकवादियों के खिलाफ शुरू किये गये आपरेशन सिंदूर में पश्चिमी वायुसेना कमांड का नेतृत्व करने वाले 62 वर्षीय पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बृहस्पतिवार की सुबह दिल्ली से विमान के जरिये अयोध्या पहुंचे और पूजा-अर्चना के लिए राम मंदिर गये।
मिश्रा ने कहा कि वह चयन समिति के आभारी हैं और अपनी नियुक्ति को भगवान राम का आशीर्वाद मानते हैं।
उन्होंने कहा, “मैं आज खुद को सबसे भाग्यशाली व्यक्ति मानता हूं कि मुझे अपने जीवन में दो बार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। एक बार देश सेवा की जिम्मेदारी, अब श्री राम के मंदिर के संगठन और प्रशासन तथा श्री राम के भक्तों की सेवा का दायित्व।”
सीईओ की नियुक्ति का कदम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर हुए विवाद के बाद उठाया गया है।
इस मामले के तूल पकड़ने के बाद चंपत राय ने महासचिव पद से जबकि अनिल मिश्रा ने ट्रस्टी पद से इस्तीफा दे दिया था।
ट्रस्ट ने बुधवार को गोविंद देव गिरि को महासचिव और महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया। साथ ही मदन मोहन पांडेय और निर्मला यादव समेत नए न्यासियों को भी शामिल किया गया।
भागचंदका और पांडेय ने बृहस्पतिवार को अयोध्या में महासचिव गोविंद देव गिरि समेत ट्रस्ट के अन्य सदस्यों से मुलाकात की, जबकि अपने गृह नगर फिरोजाबाद में कई कार्यक्रमों में शामिल हुईं नव नियुक्त ट्रस्टी निर्मला यादव अभी अयोध्या नहीं पहुंची हैं।
इसके पूर्व, गिरि ने कारसेवक पुरम स्थित भारत कुटी में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से मुलाकात की।
सूत्रों के मुताबिक, बंद कमरे में हुई और एक घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक में ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा और ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य व विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय सलाहकार समिति के सदस्य दिनेश भी मौजूद थे।
भाषा चंदन सलीम शफीक जितेंद्र
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