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खांडू ने दलाई लामा को भारत पहुंचने में मदद करने वाले तिब्बती लड़ाकों पर आधारित फिल्म की तारीफ की

(फाइल फोटो के साथ)

ईटानगर, तीन सितंबर (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने आगामी फिल्म ‘फोर रिवर्स सिक्स रेंजेज’ का समर्थन करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक ड्रामा उन तिब्बती प्रतिरोध सेनानियों की कहानी को सहेज कर रखने और उसे ज़्यादा लोगों तक पहुंचाने में मदद करेगा, जिन्होंने 1959 में 14वें दलाई लामा को सुरक्षित भारत पहुंचने में मदद की थी।

खांडू ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में इस फिल्म को तिब्बती इतिहास के एक अहम अध्याय की महत्वपूर्ण प्रस्तुति बताया।

उन्होंने भारत आते समय दलाई लामा को हिमालय के दुर्गम रास्तों से सुरक्षित निकालने में ‘चुशी गंगड्रुक’ (यानी ‘चार नदियां, छह पर्वत-शृंखलाएं’) की भूमिका का भी उल्लेख किया।

खांडू ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया,‘‘ ‘फोर रिवर्स सिक्स रेंजेज’ तिब्बती इतिहास के एक अहम अध्याय को पर्दे पर लाता है - यह 1959 में तिब्बती प्रतिरोध सेनानियों की 'चुशी गंगड्रुक' की अद्भुत यात्रा और 14वें दलाई लामा को हिमालय के खतरनाक पहाड़ी रास्तों से सुरक्षित भारत पहुंचाने में उनकी भूमिका की कहानी है।’’

अब जब यह फिल्म भारत में सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है, मुख्यमंत्री ने निर्माता दोरजी वांग्डी देवातशांग, निर्देशक शेनपेन खिमसार और इस फिल्म से जुड़ी पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं।

इस फिल्म का वैश्विक प्रीमियर 2025 में रॉटरडैम अंतरराष्ट्रीय फिल्मोम्सव में हुआ था। इसे 11 सितंबर को भारत के सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना है। यह फिल्म 132 मिनट की है तथा इसे भारत, नेपाल और कनाडा में शूट किया गया था।

फिल्म में दिखाई गई ऐतिहासिक घटना 1950 के दशक के आखिर की है, जब तिब्बत में बढ़ते टकराव के बीच 'चुशी गैंगड्रुक' प्रतिरोध आंदोलन शुरू हुआ था। मार्च 1959 में, 14वें दलाई लामा ल्हासा से निकले थे और हिमालय होते हुए भारत पहुंचे थे। इस दौरान तिब्बती लड़ाकों ने उनकी यात्रा की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई।

यह फिल्म खास तौर पर गोंपो ताशी और कुंगा समतेन जैसे प्रतिरोध नेताओं पर केंद्रित है।

भाषा राजकुमार शफीक

शफीक