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भाजपा समर्थक यूजीसी कानून पर अपने नेताओं से जवाब मांगें : प्रशांत किशोर

औरंगाबाद, तीन सितंबर (भाषा) बिहार में जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) कानून को लेकर कहा कि मामला न्यायालय के विचाराधीन है इसलिए इसके गुण-दोष पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि ‘मोदी-मोदी’ का नारा लगाकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को वोट देने वालों को इस मुद्दे पर अपने नेताओं से जवाब मांगना चाहिए।

किशोर ने औरंगाबाद में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘यूजीसी कानून का मामला अदालत में है, इसलिए उसके गुण-दोष पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। लेकिन जिन लोगों ने भाजपा को वोट दिया है उन्हें अपने नेताओं से पूछना चाहिए कि यह कानून क्यों लाया गया।’’

उन्होंने औरंगाबाद में सामूहिक दुष्कर्म मामले का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर निशाना साधा।

किशोर ने आरोप लगाया कि पटना में एक बच्ची को उसके पिता के सामने होटल से जबरन ले जाया जा रहा था लेकिन इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और क्षेत्र के सांसद की ओर से कोई बयान नहीं आया।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर जनता अपराधी, माफिया और भ्रष्ट लोगों को चुनकर विधानसभा और संसद में भेजेगी, तो फिर अच्छी सरकार की अपेक्षा करने का नैतिक अधिकार भी खो देगी।’’

किशोर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर टिप्पणी करते हुए कहा कि लोगों को भविष्य के वादों से अधिक वर्तमान की समस्याओं का समाधान चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘2047 में विकसित भारत देखने के लिए कौन जीवित रहेगा? लोगों को अभी रोजगार, अच्छी शिक्षा और सुरक्षित परीक्षा व्यवस्था चाहिए। मौजूदा समय में प्रश्न पत्र लीक हो रहे हैं और आम लोगों को रोजमर्रा की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।’’

भाषा कैलाश जितेंद्र

जितेंद्र