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अदालत ने लंबे समय तक जेल में रहने का हवाला देते हुए दो लोगों को जमानत दी

नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने जम्मू-कश्मीर और देश के प्रमुख शहरों में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश से जुड़े मामले में दो लोगों को लंबे समय से जेल में रहने का हवाला देते हुए बृहस्पतिवार को जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि दोनों करीब पांच साल से जेल में हैं।

उच्च न्यायालय ने सोबिया अजीज (33) और कामरान अशरफ रेशी (26) को राहत देते हुए कहा कि मामले की सुनवाई निकट भविष्य में पूरी होने की संभावना नहीं है।

न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर डूडेजा की पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘अपीलकर्ता किसी ऐसे व्हाट्सऐप समूह या अन्य सोशल मीडिया मंच से नहीं जुड़ेंगे, जहां राष्ट्रविरोधी सामग्री डाली, प्रसारित या प्रचारित की जाती हो। वे किसी भी सोशल मीडिया मंच या अन्य माध्यम से कोई राष्ट्रविरोधी सामग्री साझा नहीं करेंगे। उन्हें इस संबंध में निचली अदालत के समक्ष एक लिखित आश्वासन भी देना होगा।’’

मामले के अनुसार, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने आरोप लगाया है कि उसे सूचना मिली थी कि कई प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के सदस्य जम्मू-कश्मीर में सक्रिय हैं और पाकिस्तान से उनका संचालन किया जा रहा है।

आरोप है कि ये संगठन और उनसे जुड़े लोग प्रत्यक्ष रूप से और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए जम्मू-कश्मीर और नयी दिल्ली समेत देश के प्रमुख शहरों में हिंसक आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे।

अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया है कि आरोपी स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जा रहे थे, ताकि उन्हें आतंकवादी संगठनों में भर्ती किया जा सके और हथियार, गोला-बारूद तथा विस्फोटकों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया जा सके।

भाषा शफीक नरेश

नरेश