Breaking News

स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा, जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता से मारपीट का है आरोप     |   खराब मौसम के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन प्रभावित, 9 फ्लाइट डायवर्ट     |   बिहार: 4-5 दिनों में बढ़ेगा गंगा का जलस्तर, बक्सर समेत 7 जिलों में बाढ़ का खतरा     |   एअर इंडिया ने नशे में फ्लाइट उड़ाने वाले पायलट को नौकरी से निकाला, पॉजिटिव थी जांच     |   महाराष्ट्र: रत्नागिरी में लैंडस्लाइड, रघुवीर घाट बंद; 15-20 गांवों का संपर्क टूटा     |  

दृष्टिबाधितों के लिए स्मार्ट नेविगेशन प्रणाली बनाने पर लातूर के छात्रों को एक लाख रुपये का अनुदान

लातूर (महाराष्ट्र), तीन सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के लातूर में एक कॉलेज के छात्रों के समूह ने दृष्टिबाधित लोगों के लिए आईओटी (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) आधारित नेविगेशन और आपातकालीन सुरक्षा प्रणाली विकसित करने के लिए नांदेड़ स्थित स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय से एक लाख रुपये की अनुदान राशि हासिल की है।

इस प्रणाली का मतलब ऐसी स्मार्ट तकनीक है, जिसमें इंटरनेट से जुड़े सेंसर और डिवाइस की मदद से दृष्टिबाधित व्यक्ति को रास्ता पहचानने और आपात स्थिति में मदद पाने में सहायता मिलती है।

‘स्मार्ट विजन असिस्ट: दृष्टिबाधित लोगों के लिए आईओटी आधारित इंटेलिजेंट नेविगेशन एवं आपात सुरक्षा प्रणाली’ नामक इस परियोजना को लातूर के राजर्षि शाहू महाविद्यालय के बैचलर ऑफ वोकेशन (बी वीओसी) कंप्यूटर टेक्नोलॉजी के छात्रों ने तैयार किया है।

इस परियोजना को महाकालेश्वर पांडुरंग गायकवाड़, राधिका सिद्धेश्वर जाधव और विशाखा संतोष खानापुरे ने विकसित किया है। उन्होंने अरुण शिंदे के मार्गदर्शन में काम करते हुए आईओटी तकनीक, सेंसर और स्मार्ट उपकरणों की मदद से आसपास के वातावरण का पता लगाने और दृष्टिबाधित लोगों को सुरक्षित तरीके से रास्ता तय करने में मदद करने वाली यह प्रणाली तैयार की।

यह प्रणाली रास्ते में आने वाली बाधाओं, दिशा और यातायात से संबंधित वास्तविक समय के अलर्ट उपलब्ध करा सकती है। इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति में उपयोगकर्ता एसओएस संदेश भेजने और अपनी लोकेशन साझा करने में भी सक्षम होंगे।

भाषा गोला सुरेश

सुरेश