चेन्नई, तीन सितंबर (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बृहस्पतिवार को चेन्नई में 1,200 करोड़ रुपये की लागत से नए विधानसभा-सह-सचिवालय एकीकृत परिसर के निर्माण की योजना की घोषणा की।
इस घोषणा के साथ ही प्रशासन के ऐतिहासिक फोर्ट सेंट जॉर्ज से बाहर निकलने के फैसले के संकेत मिले हैं, जहां वर्तमान में तमिलनाडु विधानसभा और सचिवालय के महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय स्थित हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस आधुनिक एकीकृत परिसर में राज्य सरकार के सभी विभागों के कार्यालय होंगे। इसे करीब 20 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में लगभग 1,200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में नियम 110 के तहत कई घोषणाएं करते हुए बताया कि राज्य सरकार चेन्नई में ‘तमिलनाडु ओलंपिक सिटी’ और ‘मोटर स्पोर्ट्स सिटी’ भी स्थापित करेगी।
मुख्यमंत्री ने राज्य के बुनियादी ढांचे और वैश्विक स्तर पर उसकी पहचान को मजबूत करने के लिए तीन प्रमुख विकास परियोजनाओं की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य फोर्ट सेंट जॉर्ज में मौजूदा बिखरी हुई प्रशासनिक व्यवस्था को एक नए, अत्याधुनिक प्रशासनिक परिसर में स्थानांतरित करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिसर में जगह की कमी है और ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण से जुड़ी पाबंदियां भी हैं।
विजय ने कहा, ‘‘1,200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस नयी परियोजना का निर्माण चेन्नई में 20 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में किया जाएगा। इसमें सभी सरकारी विभागों को एक आधुनिक, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल परिसर में एकीकृत किया जाएगा, जबकि मौजूदा फोर्ट सेंट जॉर्ज की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखा जाएगा।’’ इस घोषणा के दौरान सत्तापक्ष के सदस्यों ने मेज थपथपाकर इसका स्वागत किया।
मौजूदा परिसर में जगह की कमी का जिक्र करते हुए विजय ने कहा, ‘‘107 एकड़ में फैले फोर्ट सेंट जॉर्ज परिसर के केवल एक छोटे हिस्से, करीब चार एकड़ पर ही सरकार का नियंत्रण है, क्योंकि बाकी हिस्से का प्रबंधन रक्षा विभाग और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के पास है।’’
उन्होंने कहा कि पिछले 40 वर्षों में सरकारी विभागों की संख्या, कर्मचारियों की संख्या और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में काफी वृद्धि हुई है। इसके कारण मौजूदा पुरानी हो चुकी प्रशासनिक इमारतों में भीड़ और जगह की कमी की समस्या बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आने वाली सदी के लिए कुशल और विश्वस्तरीय प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए सभी सरकारी विभागों को एक ही आधुनिक, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल परिसर में एकीकृत करना आवश्यक है।’’
नए परिसर में अत्याधुनिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली, दिव्यांगजनों के लिए सुगम पहुंच की सुविधाएं और हरित भवन मानकों के अनुरूप निर्माण जैसी सुविधाएं होंगी।
सुविधाओं के बारे में उन्होंने बताया कि परिसर में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था, कॉन्फ्रेंस हॉल, जनसेवा केंद्र और सरकारी कर्मचारियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस परिसर में सरकारी कर्मचारियों के लिए आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे उनके कामकाजी माहौल में सुधार होगा।
नए परिसर के निर्माण के दौरान फोर्ट सेंट जॉर्ज के भीतर मौजूद ऐतिहासिक इमारतों को विरासत स्थल के रूप में संरक्षित रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस ऐतिहासिक धरोहर को देख सकें।
हालांकि, विजय ने चेन्नई में नए परिसर के निर्माण के लिए किसी निश्चित स्थान की जानकारी नहीं दी।
गौरतलब है कि 2006-11 में एम. करुणानिधि के नेतृत्व वाली द्रमुक सरकार ने सचिवालय-विधानसभा परिसर को पास के ओमंदुरार सरकारी एस्टेट में स्थानांतरित कर दिया था। कुछ समय तक विधानसभा के सत्र भी वहीं आयोजित किए गए थे। हालांकि, इसके बाद जे. जयललिता के नेतृत्व वाली अन्नाद्रमुक सरकार ने उस इमारत को मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल में बदल दिया और सचिवालय-विधानसभा परिसर को वापस फोर्ट सेंट जॉर्ज ले आई।
इससे पहले अन्नाद्रमुक सरकार ने भी सचिवालय को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की योजना बनाई थी, लेकिन यह योजना अमल में नहीं आ सकी।
विधानसभा में विजय ने कहा कि प्रस्तावित तमिलनाडु ओलंपिक सिटी को एक एकीकृत और विश्वस्तरीय खेल परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने के लिए बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
घोषणा के अनुसार, इस परिसर में विश्वस्तरीय खेल मैदान और अत्याधुनिक खेल उपकरण, खिलाड़ियों की क्षमता और प्रदर्शन बढ़ाने के लिए उच्च प्रदर्शन वाले प्रशिक्षण केंद्र तथा खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों के लिए आधुनिक आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
विजय ने बताया कि मोटर स्पोर्ट्स सिटी का उद्देश्य मोटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देना, फॉर्मूला-1, फॉर्मूला-2, फॉर्मूला-3 और फॉर्मूला-4 जैसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की रेसिंग प्रतियोगिताओं की मेजबानी करना और पेशेवर रेसिंग चालकों को तैयार करने के लिए प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से खेल पर्यटन और राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु के देश के प्रमुख ऑटोमोबाइल विनिर्माण केंद्रों में से एक होने की स्थिति का भी उल्लेख किया।
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