धर्मशाला, दो सितंबर (भाषा) तिब्बत की निर्वासित सरकार ने बुधवार को 66वें तिब्बती लोकतंत्र दिवस के अवसर पर चीन की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि बीजिंग तिब्बत के लोगों की भाषा, संस्कृति और धर्म को कमजोर कर रहा है।
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चीन के प्रमुख लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता वांग दान ने कहा कि तिब्बत की निर्वासित लोकतांत्रिक व्यवस्था 'भविष्य के लोकतांत्रिक चीन' के लिए एक संभावित मॉडल हो सकती है।
धर्मशाला में दलाई लामा के निर्धारित वापसी कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर मैक्लोडगंज स्थित मुख्य तिब्बती मंदिर में आयोजित इस समारोह में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) के नेता, तिब्बती समुदाय के लोग, भिक्षु, छात्र और नागरिक समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए।
तिब्बत के लोकतांत्रिक विकास, दलाई लामा के पुनर्जन्म, उनके संसदीय संबोधनों और तिब्बत के ऐतिहासिक विदेशी संबंधों से संबंधित कई प्रकाशनों का भी विमोचन किया गया।
कार्यक्रम का समापन धर्मशाला के तिब्बती स्कूलों और संस्थानों के छात्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ।
भाषा तान्या रंजन
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