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20 वर्षीय युवती के पेट से निकला 1.16 किलो का बालों का गुच्छा

नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी के एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने 20 वर्षीय छात्रा के पेट से 1.16 किलोग्राम वजन का बालों का गुच्छा सफलतापूर्वक निकाला।

डॉक्टरों के अनुसार, ‘जे’ आकार का यह गुच्छा पेट के बड़े हिस्से में फैला हुआ था।

द्वारका स्थित मणिपाल अस्पताल ने एक बयान में बताया कि मरीज करीब 11 साल से अपने बाल खा रही थी। इसे चिकित्सीय भाषा में ‘ट्राइकोफेजिया’ कहा जाता है। उसे तीन दिनों से पेट में तेज दर्द, जी मिचलाने और बार-बार उल्टी की शिकायत थी।

अस्पताल ने बताया कि इसके अलावा, काफी समय से उसे भूख कम लग रही थी, वजन घट रहा था तथा वह थकान महसूस कर रही थी।

बयान के मुताबिक, जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके पेट के ऊपरी हिस्से में एक सख्त गांठ महसूस हुई। इसके बाद एंडोस्कोपी की गई, जिसमें पेट के अंदर बालों का एक बड़ा गुच्छा दिखाई दिया।

डॉक्टरों ने बताया कि बाल शरीर में पच नहीं पाते और लगातार बाल खाने से वे पेट में जमा होते रहते हैं तथा समय के साथ इनमें खाना भी फंसता जाता है, जिससे बालों का बड़ा और सख्त गुच्छा बन जाता है।

अस्पताल ने कहा कि बालों के कारण मरीज का पेट काफी फूल गया था और मरीज को गंभीर परेशानी हो रही थी। इसे पूरी तरह निकालने के लिए डॉक्टरों को एक से अधिक तरीकों का इस्तेमाल करना पड़ा।

मणिपाल हॉस्पिटल द्वारका के प्रमुख डॉ. (प्रो.) संदीप अग्रवाल ने कहा कि बालों से बने ऐसे गुच्छे कई साल तक पेट में रह सकते हैं और कई बार मरीज बाल खाने की अपनी आदत को बीमारी नहीं मानते या डॉक्टर को इसके बारे में नहीं बताते।

उन्होंने कहा, “इस मामले में बालों का गुच्छा बहुत बड़ा और सख्त था, इसलिए इसे निकालना आसान नहीं था। शुरुआत में एंडोस्कोपी की मदद से इसे छोटे हिस्सों में तोड़कर निकालने की कोशिश की गई, लेकिन गुच्छा इतना बड़ा था कि इसे पूरी तरह निकालना संभव नहीं हुआ।”

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि इसके बाद लैप्रोस्कोपी की मदद से आगे की सर्जरी की योजना बनाई गई... और पेट में एक छोटा चीरा लगाकर बालों के गुच्छे को सावधानी से निकाला गया।

बयान के मुताबिक, सर्जरी के बाद मरीज की हालत में काफी सुधार हुआ। उसकी भूख वापस आने लगी और वह धीरे-धीरे सामान्य खाना खाने लगी। उसका वजन भी बढ़ा है और अब वह अपनी पढ़ाई पर वापस लौट चुकी है।

भाषा नोमान नोमान रंजन

रंजन