ढाका, दो सितंबर (भाषा) भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बुधवार को बांग्लादेश की संसद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के साथ अलग-अलग बैठकें कीं तथा दोनों देशों की विधायिकाओं के बीच आपसी सहयोग को और मजबूत करने के तौर-तरीकों पर चर्चा की।
भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि त्रिवेदी ने जातीय संसद के अध्यक्ष मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) हफीजुद्दीन अहमद और उपाध्यक्ष बैरिस्टर कैसर कमाल से मुलाकात की।
उच्चायोग ने कहा कि इस दौरान उच्चायुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि दो संप्रभु और लोकतांत्रिक देशों के बीच लोगों के आपसी संबंधों को मजबूत करने के लिए दोनों देशों की संसद के बीच जुड़ाव बहुत जरूरी है।
उच्चायोग ने पोस्ट में कहा, ‘‘संसदीय मैत्री समूहों के गठन, दोनों अध्यक्षों के मार्गदर्शन में संसदीय प्रतिनिधिमंडलों की पारस्परिक यात्राओं, संसदीय समितियों के बीच सहयोग और संसदीय रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के अवसरों पर चर्चा हुई।’’
त्रिवेदी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से बांग्लादेश के गणमान्य व्यक्तियों को अपनी सुविधानुसार जल्द से जल्द भारत की यात्रा करने का न्योता भी दिया।
बैठकों के बाद पत्रकारों से बात करते हुए त्रिवेदी ने कहा कि यह पूरी तरह से बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान का फैसला होगा कि क्या वह अपने समकक्ष नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर नयी दिल्ली का दौरा करेंगे या नहीं।
उनसे जब रहमान के भारत दौरे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘यह प्रधानमंत्री (रहमान) के फैसले पर निर्भर करता है। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री बहुत समझदार व्यक्ति हैं। वह जन-हितैषी हैं। मुझे लगता है कि हमें यह फैसला उनपर ही छोड़ देना चाहिए।’’
भाषा सुभाष राजकुमार
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