Breaking News

स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा, जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता से मारपीट का है आरोप     |   खराब मौसम के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन प्रभावित, 9 फ्लाइट डायवर्ट     |   बिहार: 4-5 दिनों में बढ़ेगा गंगा का जलस्तर, बक्सर समेत 7 जिलों में बाढ़ का खतरा     |   एअर इंडिया ने नशे में फ्लाइट उड़ाने वाले पायलट को नौकरी से निकाला, पॉजिटिव थी जांच     |   महाराष्ट्र: रत्नागिरी में लैंडस्लाइड, रघुवीर घाट बंद; 15-20 गांवों का संपर्क टूटा     |  

डीए मामले में पंजाब सरकार ने न्यायालय से कहा, उसके कर्मचारियों का वेतन केंद्र के कर्मचारियों से अधिक

नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) पंजाब सरकार ने अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (डीए) देने के संबंध में उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख करते हुए कहा कई महत्वपूर्ण श्रेणी में उसके कर्मचारियों का कुल वेतन पहले से ही केंद्र सरकार के कर्मचारियों के मुकाबले आधिक है।

राज्य सरकार ने अपनी याचिका में कहा है कि डीए का आकलन केंद्र द्वारा तय प्रतिशत से करने के बजाय कुल वेतन पैकेज के आधार पर किया जाना चाहिए।

याचिका में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा डीए और महंगाई राहत (डीआर) पर तीन अगस्त को दिए गए फैसले को चुनौती दी गई है। अदालत ने फैसले में कहा था कि राज्य और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के हाथ में आने वाले वेतन में समानता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सीमा तक डीए बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है।

सरकार ने कहा कि उसके नियम राज्य कर्मचारियों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए तय दर पर डीए देने को अनिवार्य नहीं बनाते हैं।

पंजाब सरकार के अनुसार, पंजाब सिविल सर्विसेज (संशोधित वेतन) नियम, 2021 में डीए के लिए कोई विशेष सूचकांक, फॉर्मूला, दर या अवधि निर्धारित नहीं है और यह मामला राज्य सरकार के विवेक पर छोड़ा गया है।

सरकार ने राज्य कर्मचारियों के डीए का निर्धारण करने के लिए अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को तुलना का आधार बनाने के उच्च न्यायालय के फैसले पर भी आपत्ति जताई है।

पंजाब सरकार ने राज्य को ‘‘अनुत्पादक’’ खर्च करने से रोकने संबंधी उच्च न्यायालय के निर्देश को भी चुनौती दी है। उसका कहना है कि अदालत के समक्ष इस तरह के किसी खर्च का दावा या उसके समर्थन में कोई साक्ष्य पेश नहीं किया गया था।

राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय से अपील की है कि वह उच्च न्यायालय के फैसले को रद्द करे और डीए तय करने के साथ-साथ बकाया राशि के भुगतान के तरीके तथा समय के निर्धारण संबंध में उसका अधिकार उसे वापस दे।

भाषा यासिर अजय

अजय

अजय