नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (उबाठा) पर निशाना साधते हुए आरोप लगया कि उसने पहले बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को छोड़ा और अब उस चुनाव चिह्न को ‘जब्त’ करने की मांग कर रही है जो उन्हें (बालासाहेब) बहुत प्रिय था।
निर्वाचन आयोग ने अविभाजित शिवसेना का चुनाव चिह्न ‘धनुष बाण’ शिंदे नीत शिवसेना को आवंटित किया था।
शिवसेना में विभाजन पर उच्चतम न्यायालय में जारी कार्यवाही से पहले यहां पहुंचे शिंदे ने कहा कि इस मामले में देश के संविधान, पार्टी के संविधान और निर्वाचन आयोग की शक्तियों से जुड़े सवाल शामिल हैं।
शिंदे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘बालासाहेब के लिए ‘धनुष-बाण’ का निशान अपनी जान से भी अधिक प्रिय था। वह अपने निजी पूजा-घर में इसकी पूजा करते थे। उन्होंने (शिवसेना उबाठा ने) 2019 में बालासाहेब की विचारधारा, हिंदुत्व, महाराष्ट्र के जनादेश और यहां तक कि बालासाहेब की पार्टी के संविधान को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया। अब वे ‘धनुष-बाण’ के निशान को भी ‘जब्त’ करने की मांग कर रहे हैं।’’
शिवसेना प्रमुख ने कहा, ‘‘बालासाहेब की विचारधारा, हिंदुत्व पर उनके रुख और पार्टी की नीतियों को मिटाने की कोशिश की जा रही है।’’
शिवेसना (उबाठा) ने निर्वाचन आयोग के फरवरी 2023 के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को आधिकारिक शिवसेना के तौर पर मान्यता दी गई थी और ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया था।
पिछले महीने न्यायालय में हुई बहस के दौरान शिवेसना (उबाठा) ने दलील दी कि चुनाव चिह्न उसे दिया जाना चाहिए या उसे ‘जब्त’ कर लिया जाना चाहिए। उसका कहना था कि शिंदे गुट चुनाव चिह्न अपने पास रखकर 2022 में हुए विद्रोह का फ़ायदा उठाता रहा है।
भाषा धीरज जोहेब
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