Breaking News

स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा, जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता से मारपीट का है आरोप     |   खराब मौसम के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन प्रभावित, 9 फ्लाइट डायवर्ट     |   बिहार: 4-5 दिनों में बढ़ेगा गंगा का जलस्तर, बक्सर समेत 7 जिलों में बाढ़ का खतरा     |   एअर इंडिया ने नशे में फ्लाइट उड़ाने वाले पायलट को नौकरी से निकाला, पॉजिटिव थी जांच     |   महाराष्ट्र: रत्नागिरी में लैंडस्लाइड, रघुवीर घाट बंद; 15-20 गांवों का संपर्क टूटा     |  

नेपाल के एकमात्र अरबपति ने आपदा के समय त्वरित कार्रवाई के लिए भारत, प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की

काठमांडू, एक सितंबर (भाषा) नेपाल के एकमात्र अरबपति और समाजसेवी बिनोद चौधरी ने देश में अचानक आई भयानक बाढ़ के बाद त्वरित कार्रवाई के लिये मंगलवार को भारत और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस आपदा का दायरा किसी की भी सोच से कहीं ज्यादा बड़ा था।

चौधरी ने फिर से निर्माण के काम को “बहुत बड़ा” बताया और बताया कि कैसे गांव, बाजार, स्कूल और पुल बह गए और 500 मेगावाट से ज्यादा बिजली उत्पादन क्षमता ठप हो गई।

चौधरी ने ‘पीटीआई-वीडियो’ को बताया, “इस तबाही का पैमाना उतना बड़ा है, जितना किसी ने कभी सोचा भी नहीं होगा। इसी जगह पर पहले भी बाढ़ आई थी, यहां तक कि पिछले साल भी, लेकिन वह मौजूदा हालात के मुकाबले कुछ भी नहीं थी।”

उन्होंने नुकसान का दायरा बताते हुए कहा, “हमने लगभग एक हजार लोगों को खो दिया है। करीब 4,000 लोग लापता हैं... मेरी पिछली गिनती के अनुसार, हमने लगभग 40 पुल खो दिए हैं।”

चौधरी ने कहा, “500 मेगावाट से ज्यादा क्षमता वाले ऊर्जा संयंत्र ठप हो गए। साथ ही, कई परियोजनाओं - खासकर ऊर्जा परियोजना - जो निर्माणाधीन थीं, उन्हें रोकना पड़ा; वे बह गए या उन्हें नुकसान पहुंचा। इसलिए, यह वाकई बहुत दुखद स्थिति है।”

मंगलवार को नेपाल में आई भयानक अचानक बाढ़ से मरने वालों की संख्या 1,000 के पार पहुंच गई। रुक-रुक कर हो रही बारिश और बाढ़ की नयी चेतावनी के बीच बचावकर्मी फंसे हुए लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रहे थे। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, 583 विदेशियों समेत लगभग 4,000 लोग लापता हैं, जबकि करीब 12,000 लोगों को बचाया जा चुका है।

चौधरी ने आपदा के समय नेपाल सरकार, सुरक्षा एजेंसियों और मित्र पड़ोसी देशों, खासकर भारत की प्रतिक्रिया की तारीफ की।

उन्होंने कहा, “मुझे यह मानना ​​होगा कि सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने, और साथ ही हमारे मित्र पड़ोसी देशों-खासकर भारत-ने राहत सामग्री तुरंत उपलब्ध कराकर बहुत अच्छा काम किया है।”

उन्होंने नेपाल का साथ देने के लिए खास तौर पर नयी दिल्ली और प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की—न सिर्फ हालिया आपदा के बाद, बल्कि 2015 के भूकंप के दौरान भारत की मदद को याद करते हुए भी।

उन्होंने कहा, “मुझे इसमें कोई शक नहीं है कि भारत भी उतना ही चिंतित है। और मैंने कई बार ऐसा देखा है। यहां तक कि 2015 के भूकंप के दौरान भी, भारत सबसे आगे था; प्रधानमंत्री मोदी ही सबसे पहले थे जिन्होंने तुरंत बचाव कार्य, मदद, अवसंरचना और साजोसामान का इंतज़ाम किया।”

उन्होंने कहा कि भारत ने “वह अहमियत और वह क्षमता” हासिल कर ली है, साथ ही बड़े पैमाने पर जवाब देने की काबिलियत भी पा ली है।

चौधरी ने कहा, “भारत ने जिस बड़े पैमाने पर काम किया है और अवसंरचना बनायी है, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि पिछले 12 सालों में भारत द्वारा तैयार अवसंरचना की गुणवत्ता में जबरदस्त बदलाव आया है। इसलिए, पूरी प्रणाली ही एक अलग स्तर और क्षमता की है।”

उन्होंने कहा, “मैं उम्मीद करता हूं और भारत सरकार, प्रधानमंत्री मोदी और उन सभी लोगों से अपील करता हूं जो अहम भूमिका निभा सकते हैं, कि वे हर संभव कोशिश करें। मुझे लगता है कि ये ऐसे पल हैं जब भारत बड़ा बदलाव ला सकता है।”

भाषा प्रशांत माधव

माधव