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ईसी बना ‘भाजपा की कुर्सी बचाओ आयोग’, ‘वोट चोरी’ के खिलाफ देश एकजुट: खरगे

नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद दो करोड़ से अधिक नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के बाद मंगलवार को दावा किया कि देश ‘वोट चोरी’ के खिलाफ एकजुट हो रहा है और लोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की इस साजिश को समझ चुके हैं।

खरगे ने यह आरोप भी लगाया कि निर्वाचन आयोग अपनी तटस्थ भूमिका निभाने के बजाय ‘भाजपा की कुर्सी बचाओ आयोग’ बनकर रह गया है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ‘चोर पकड़ा गया है’ और लोकतंत्र को बंदी बनाने की कोशिश की सजा जरूर मिलेगी।

उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘‘जहां भाजपा को राजनीतिक फायदा होता है, वहां मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं और जहां असुविधा होती है, वहां मतदाताओं के नाम काटकर ‘वोट चोरी’ की जाती है।’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाया और आरोप लगाया कि आयोग निष्पक्ष चुनावों के प्रहरी की भूमिका निभाने के बजाय ‘भाजपा की कुर्सी बचाओ आयोग’ की तरह काम कर रहा है।

खरगे ने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच अचानक 39 लाख मतदाताओं की संख्या बढ़ी और अब एसआईआर के तहत 2.07 करोड़ मतदाता ड्राफ्ट सूची से बाहर हैं।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर में हटाए गए नामों में से 91 प्रतिशत नाम अपील के बाद दोबारा मतदाता सूची में जोड़ने पड़े।

उन्होंने सवाल किया कि विधानसभा चुनाव के समय इन मतदाताओं के नाम आखिर क्यों हटाए गए थे?

दिल्ली को लेकर खरगे ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं की संख्या बढ़ाई गई और अब 47.56 लाख मतदाताओं के नाम मसौदा सूची से गायब हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ‘वोट चोरी’ के खिलाफ देश एकजुट हो रहा है और भाजपा की कथित साजिश को देश समझ चुका है।

भाषा हक हक नरेश

नरेश